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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


50वें जन्मदिन पर दोस्तों को कराई पांच धाम की यात्रा
भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com शिवमोग्गा, 25 अगस्त 2026। जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय उसे यादगार और प्रेरणादायक बनाने की पहल करते हुए विष्णु समाज के सक्रिय कार्यकर्ता एवं बीमा एजेंट नरपतलाल ने अपने 50वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में मित्रों के साथ धार्मिक एवं ऐतिहासिक यात्रा का आयोजन किया। उन्होंने शिवमोग्गा के 12 दोस्तों को मिनी बस के माध्यम से पांच धाम की यात्रा कराई।

धन्नाराम चौधरी
26 अग॰2 मिनट पठन


चिंता, भय और क्रोध से मुक्ति का मार्ग: मुनि श्री वीरसागर जी ने बताया ‘वस्तु स्वरूप विचार’ का सूत्र
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 13 अगस्त, 2026 बेंगलुरु। चिंता, भय, क्रोध और अहंकार से जूझ रहे मनुष्य को वास्तविक शांति बाहर नहीं, बल्कि अपनी दृष्टि और भावनाओं में परिवर्तन से मिल सकती है। जीवन-परिवर्तन एवं आत्मविकास की निरंतर चल रही प्रवचनमाला में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने भावनात्मक अशांति के मूल कारणों पर गहन प्रकाश डालते हुए ‘वस्तु स्वरूप विचार’ को आत्मपरिवर्तन और स्वीकारभाव की दिशा में प्रभावी आध्यात्मिक मार्ग

धन्नाराम चौधरी
14 अग॰4 मिनट पठन


मन पर विजय ही आत्मविकास की पहली सीढ़ी: मुनि श्री वीरसागर जी
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 12 अगस्त 2026। ज्ञानोदय परिसर, इनर रिफ्लेक्शन सेंटर, तुबरहल्ली में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचनों के क्रम में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने मन की प्रकृति, नकारात्मक विचारों, आत्मसंयम और सकारात्मक जीवन-दृष्टि पर प्रेरणादायी संदेश दिया। मुनि श्री वीरसागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में वास्तविक आत्मविकास तब शुरू होता है, जब वह यह समझता है कि वह मन नहीं, बल्कि मन का साक्षी और स्वामी है।

धन्नाराम चौधरी
13 अग॰5 मिनट पठन


परिस्थितियां नहीं, अपनी मनोस्थिति बदलें: मुनि वीरसागर
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु, 11 अगस्त 2026। निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने मंगलवार को अपने प्रेरक आध्यात्मिक प्रवचन में कृतज्ञता, आत्मस्वीकार, प्रतिक्रमण, क्षमा और आत्मपरिवर्तन के गहरे सूत्र समझाते हुए कहा कि मनुष्य जीवन की समस्याओं का समाधान अक्सर बाहरी परिस्थितियों और दूसरों को बदलने में खोजता है, जबकि वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं की मनोस्थिति बदलने से होती है।
मुनिश्री ने कहा कि यदि व्यक्ति बार-बार नौकरी, स्थ

धन्नाराम चौधरी
12 अग॰5 मिनट पठन


ज्ञानोदय परिसर में मंगल कलश स्थापना से गूंजा धर्मनाद, वर्षायोग चातुर्मास 2026 का भव्य शुभारंभ
भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 10 अगस्त, 2026। ज्ञानोदय परिसर, इनर रिफ्लेक्शन सेंटर, तुबरहल्ली में रविवार को वर्षायोग चातुर्मास 2026 का भव्य और आध्यात्मिक शुभारंभ हुआ। निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित मंगल कलश स्थापना समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंगल कलशों की विधि-विधानपूर्वक स्थापना के साथ आगामी चार माह के वर्षायोग चातुर्मास 2026 का मंगल आगाज हुआ। समारोह में ध

धन्नाराम चौधरी
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अवचेतन मन की शक्ति से आत्मपरिवर्तन संभव: मुनि वीरसागर
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 08 अगस्त, 2026 बेंगलुरु, 8 अगस्त 2026। मन की शक्ति, अवचेतन मन की कार्यप्रणाली और आत्मपरिवर्तन की आध्यात्मिक प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से समझाते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने “क्या विज़ुअलाइज़ेशन करना शेखचिल्ली बनना है?” विषय पर प्रेरक प्रवचन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कल्पनाओं में खो जाना और किसी श्रेष्ठ लक्ष्य को विश्वास, संकल्प, पुरुषार्थ तथा निरंतर साधना के साथ अ

धन्नाराम चौधरी
8 अग॰4 मिनट पठन
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