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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


कॉर्पोरेट युवाओं का स्वच्छता अभियान: तुबरहल्ली में स्वयं उठाई झाड़ू, मुनि श्री वीरसागर बोले— सेवा अहंकार मिटाकर व्यक्तित्व का निर्माण करती है
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 6 अगस्त, 2026 कॉर्पोरेट युवाओं का स्वच्छता अभियान बेंगलुरु के तुबरहल्ली क्षेत्र में समाज सेवा और नागरिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। श्री ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर स्थित ज्ञानोदय परिसर में आयोजित दैनिक "प्रैक्टिकल समाधान" श्रृंखला के अंतर्गत विभिन्न बहुराष्ट्रीय एवं कॉर्पोरेट कंपनियों में कार्यरत युवाओं ने स्वयं झाड़ू उठाकर विबग्योर हाई स्कूल रोड तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की सफा

धन्नाराम चौधरी
6 अग॰2 मिनट पठन


ध्यान और मस्तिष्क की तरंगों से बदल सकता है अवचेतन मन: मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) 5 अगस्त, 2026 | बेंगलुरु ध्यान और मस्तिष्क की तरंगें यदि सही दिशा में समझी जाएं, तो व्यक्ति अपने अवचेतन मन (Subconscious Mind) का सकारात्मक रूपांतरण कर सकता है। यही प्रेरणादायी संदेश निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने बुधवार को श्री ज्ञानोदय दिगम्बर जैन परिसर, तुबरहल्ली, बेंगलुरु में आयोजित विशेष प्रवचन के दौरान दिया। उन्होंने आध्यात्मिक दर्शन और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) का अद्भुत समन्वय प

धन्नाराम चौधरी
6 अग॰3 मिनट पठन


भीतरी सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कीजिए’ — मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज का प्रेरक संदेश
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 27 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। ‘Psychology of Transformation’ विषय पर आयोजित प्रेरणादायी प्रवचन में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने कहा कि आज के तकनीकी युग में सबसे बड़ी आवश्यकता अपने ‘भीतरी सॉफ्टवेयर’ अर्थात मन, विचार और भावनाओं को अपग्रेड करने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक जीवन में वास्तविक सफलता केवल ऊँचे वेतन, प्रतिष्ठित पद या भौतिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मानुशासन

धन्नाराम चौधरी
28 जुल॰3 मिनट पठन


चौरडिया परिवार की धर्मसेवा, मुमुक्षु कविताजी के परिवार ने समर्पित किया अनुज्ञा पत्र
बेंगलूरु/चेन्नई/जोधपुर। जैन समाज में आध्यात्मिक साधना एवं त्याग की प्रेरणादायक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चौरडिया परिवार ने एक गौरवपूर्ण पहल की है। जिनशासन गौरव, आगमज्ञ एवं प्रवचन प्रभाकर परमश्रद्धेय आचार्य भगवन्त 1008 श्री हीराचन्द्रजी म.सा. तथा भावी आचार्यप्रवर श्री महेन्द्रमुनि जी म.सा. के पावन सान्निध्य में व्याख्यात्री महासती श्री भाग्यप्रभा जी म.सा. की सेवा में अध्ययनरत मुमुक्षु बहिन श्रीमती कविताजी चौरडिया ने अपना अनुज्ञा पत्र समर्पित किया।

धन्ना राम चौधरी
9 अप्रैल2 मिनट पठन
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