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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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  • ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी छलांग, 300 करोड़ के पार पहुंची फिल्म की कमाई

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 18 सितंबर 2026 आध्यात्मिक भावभूमि पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन करते हुए एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। फिल्म ने रिलीज के 41वें दिन दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया। फिल्म की यह उपलब्धि उसके लगातार बने हुए दर्शक समर्थन और लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिके रहने की कहानी बयां करती है। फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा की शुरुआत हालांकि बहुत बड़ी कमाई के साथ नहीं हुई थी। शुरुआती दौर में फिल्म को अपेक्षित दर्शक संख्या जुटाने में चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन समय बीतने के साथ दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ती गई। इसके बाद कमाई में लगातार तेजी देखने को मिली और फिल्म ने कई बड़े आंकड़े पार किए। 36वें दिन 200 करोड़ का आंकड़ा पार फिल्म ने रिलीज के 36वें दिन भारत में 200 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन पार किया था। उस समय भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग 205.15 करोड़ रुपये, जबकि नेट कलेक्शन लगभग173.63 करोड़ रुपये बताया गया था। यह उपलब्धि फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव रही। इसके बाद भी फिल्म की कमाई जारी रही और छठे सप्ताह में प्रवेश करने के बावजूद दर्शकों की रुचि बनी रही। 41वें दिन 300 करोड़ के पार फिल्म की कमाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 41वें दिन तक फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन लगभग 237.13 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन करीब 280 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विदेशों से हुई कमाई को जोड़ने के बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 300.25 करोड़ रुपये बताया गया। इस तरह फिल्म ने दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। धीमी शुरुआत से लंबी बॉक्स ऑफिस यात्रा तक ‘हनुमान अंश’ की खासियत इसकी बॉक्स ऑफिस यात्रा में दिखाई देती है। शुरुआती दिनों में फिल्म की कमाई अपेक्षाकृत सीमित रही, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बढ़ी। फिल्म के आध्यात्मिक विषय और धार्मिक भावनाओं से जुड़े कथानक ने दर्शकों के एक विशेष वर्ग को सिनेमाघरों तक पहुंचाया। इसके बाद फिल्म की कमाई में तेजी आई और रिलीज के कई सप्ताह बाद भी सिनेमाघरों में इसकी मौजूदगी बनी रही। दर्शकों की प्रतिक्रिया बनी कमाई की ताकत फिल्म के प्रदर्शन में दर्शकों की मौखिक प्रतिक्रिया यानी एक-दूसरे के बीच फिल्म की चर्चा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। शुरुआती सप्ताह के बाद फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ी और इसका असर सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या पर दिखाई दिया बॉक्स ऑफिस के आंकड़े बताते हैं कि फिल्म ने एक लंबे दौर में अपनी कमाई को बनाए रखा। यही वजह रही कि रिलीज के छठे सप्ताह में भी फिल्म बड़े आंकड़ों की ओर बढ़ती रही। 200 करोड़ से 300 करोड़ तक का सफर फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा को यदि आंकड़ों में देखें तो भारत में 200 करोड़ रुपये से अधिक के ग्रॉस कलेक्शन के बाद दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन इसका अगला बड़ा पड़ाव बना। यहां यह समझना भी जरूरी है कि भारत का नेट कलेक्शन, भारत का ग्रॉस कलेक्शन और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अलग-अलग आंकड़े हैं। इसलिए इन आंकड़ों की तुलना करते समय कलेक्शन की श्रेणी को ध्यान में रखना जरूरी है। सिनेमाघरों में अब भी बनी हुई है चर्चा रिलीज के कई सप्ताह बीतने के बाद भी फिल्म को लेकर चर्चा जारी है। बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन यह दिखाता है कि किसी फिल्म की सफलता केवल शुरुआती कुछ दिनों की कमाई से तय नहीं होती। दर्शकों की लगातार रुचि और फिल्म की विषयवस्तु के प्रति आकर्षण लंबे समय तक सिनेमाघरों में उसकी मौजूदगी बनाए रख सकता है। भारतार्थ खबर का संपादकीय निष्कर्ष ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा शुरुआती दौर से लेकर 300 करोड़ के वैश्विक आंकड़े तक पहुंचने की एक लंबी कहानी है। 36वें दिन भारत में 200 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन और 41वें दिन दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन फिल्म के प्रदर्शन के दो प्रमुख पड़ाव रहे हैं। फिल्म की कमाई का यह सफर यह भी बताता है कि दर्शकों की रुचि किसी फिल्म को लंबे समय तक सिनेमाघरों में बनाए रख सकती है।

  • मक्का के पास ड्रोन को मार गिराने का दावा, सऊदी अरब ने सुरक्षा को बताया ‘रेड लाइन’

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com)रियाद | 16 सितंबर 2026 मक्का के आसपास सुरक्षा को लेकर बुधवार को बड़ी हलचल देखने को मिली। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया गया। घटना के बाद पवित्र शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। सऊदी पक्ष ने इस ड्रोन को यमन के हूती समूह से जुड़ा बताया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता के अनुसार, ड्रोन को मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे रोका गया और उसका मलबा मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में गिरा। इस घटना में मक्का की प्रमुख धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा और ताइफ सहित कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया। मक्का की सुरक्षा को लेकर सऊदी पक्ष ने स्पष्ट किया कि पवित्र स्थलों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है। हूती प्रतिनिधियों ने कहा है कि उनके संगठन ने मक्का या अन्य इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया। इस कारण घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां स्थित मस्जिद अल-हराम तथा काबा के कारण दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इसका विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसे में शहर के आसपास किसी भी सुरक्षा घटना को बेहद संवेदनशील माना जाता है। भारतार्थ खबर का अर्थ मक्का के आसपास ड्रोन की घटना ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल किसी पवित्र स्थल को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। वहीं, ड्रोन की जिम्मेदारी को लेकर सऊदी पक्ष और हूती पक्ष के दावे अलग-अलग हैं।

  • रूस से तेल खरीद पर भारत के लिए 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, संसद में बढ़ी हलचल

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com)नई दिल्ली | 16 सितंबर 2026 रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत के सामने अमेरिकी व्यापारिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के प्रतिनिधि सभा में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों वाले एक विधेयक को आगे बढ़ाया गया है। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को देने का प्रावधान शामिल है। प्रस्तावित व्यवस्था में भारत का नाम भी संभावित टैरिफ वाले देशों में शामिल किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि भारत पर अभी 100 प्रतिशत टैरिफ लागू हो गया है। विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की आगे की प्रक्रिया से गुजरना है और इसके बाद ही इसकी अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। विधेयक में रूस के ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले जहाजों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। इसका व्यापक उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है। भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस से होने वाला कच्चे तेल का आयात देश की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा हुआ है। यदि भविष्य में अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू किया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार और रूस से जुड़े ऊर्जा कारोबार पर असर पड़ने की संभावना बन सकती है। वास्तविक प्रभाव हालांकि अंतिम कानून और उसके लागू होने के तरीके पर निर्भर करेगा। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए हुई प्रक्रिया में 214-211 मतों से प्रस्ताव आगे बढ़ा। अब विधेयक की अगली संसदीय प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

  • शेयर बाजार में बड़ा बदलाव! SEBI क्लोजिंग प्राइस सिस्टम की फिर कर रहा समीक्षा

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) मुंबई | 15 सितंबर 2026 भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में लागू किए गए क्लोजिंग प्राइस तय करने के नए सिस्टम को लेकर अब बदलाव की संभावना बढ़ गई है। बाजार में असामान्य उतार-चढ़ाव की शिकायतों के बाद भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। SEBI ने 3 अगस्त 2026 से शेयरों के अंतिम भाव तय करने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम लागू किया था। इसके तहत कारोबारी दिन के अंत में करीब 20 मिनट की नीलामी प्रक्रिया के जरिए क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है। हालांकि, खासकर डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी के दौरान कुछ शेयरों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बाद बाजार से जुड़े लोगों के बीच इस व्यवस्था को लेकर चिंता सामने आई है। अब SEBI के सामने ऑक्शन विंडो को छोटा करने या जरूरत पड़ने पर पुरानी व्यवस्था की ओर अस्थायी रूप से लौटने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। नियामक ने इस संबंध में बाजार सहभागियों से सुझाव भी मांगे हैं। इस बदलाव का सीधा संबंध शेयरों के अंतिम कारोबारी भाव, ट्रेडिंग वॉल्यूम और बाजार की पारदर्शिता से है। इसलिए ब्रोकर्स, ट्रेडर्स और निवेशकों की नजर SEBI के अगले कदम पर बनी हुई है। भारतार्थ खबर का अर्थ बाजार में क्लोजिंग प्राइस सिर्फ दिन का अंतिम भाव नहीं होता। इसी कीमत का इस्तेमाल कई वित्तीय गणनाओं और निवेश संबंधी प्रक्रियाओं में होता है। इसलिए SEBI की समीक्षा का असर आगे चलकर ट्रेडिंग के तरीके पर भी पड़ सकता है। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसके पीछे का अर्थ।

  • RBI के फैसले के बाद टाटा समूह के शेयरों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर Tata Sons पर

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) मुंबई | 15 सितंबर 2026 भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को टाटा समूह के शेयरों में जोरदार हलचल देखने को मिली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा Tata Sons के सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) को स्वेच्छा से सरेंडर करने के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने के बाद समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। बाजार में TCS, Tata Motors, Tata Steel और Titan समेत कई टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। कुछ शेयरों में तेजी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंची, जिससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर Tata Sons की भविष्य की रणनीति पर केंद्रित हो गया। RBI के फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि Tata Sons की कॉरपोरेट संरचना और भविष्य की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बाजार में इस घटनाक्रम को Tata Sons के संभावित IPO से भी जोड़कर देखा जा रहा है। टाटा समूह की अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर इस घटनाक्रम का असर अलग-अलग दिखाई दे सकता है। निवेशकों की नजर अब आगे होने वाले बोर्ड स्तर के फैसलों और Tata Sons की रणनीति पर रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम का बड़ा अर्थ यह है कि नियामकीय फैसले का असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे कारोबारी समूह के शेयरों में बाजार की धारणा बदलती दिखाई दी। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसके पीछे का अर्थ।

  • भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर बातचीत तेज, 2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 15 सितंबर 2026 भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत का चौथा दौर शुरू हो गया है। नई दिल्ली में चल रही पांच दिवसीय वार्ता में दोनों देश व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने और द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं। 14 से 18 सितंबर तक चलने वाली इस वार्ता में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, मूल स्थान के नियम तथा तकनीकी व्यापार बाधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 7.95 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले वर्ष के 8.66 अरब डॉलर की तुलना में 8.22 प्रतिशत कम है। ऐसे में प्रस्तावित व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में नई गति देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। भारत से कनाडा को दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स, लोहा-इस्पात, समुद्री उत्पाद, कपड़े और रसायन जैसे उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। वहीं कनाडा से भारत में दालें, उर्वरक, कोयला, कच्चा तेल और अन्य वस्तुओं का आयात होता है। दोनों देशों के बीच बातचीत सफल रहती है तो आने वाले समय में व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में कारोबारी सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं। दोनों पक्ष इस वर्ष के अंत तक समझौते को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसके पीछे का अर्थ।

  • ₹2,000 तक UPI भुगतान पर नहीं लगेगा बैंक शुल्क, सरकार का बड़ा फैसला

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 15 सितंबर 2026 डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए आज महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर बैंक कोई शुल्क नहीं लगा सकते। यह व्यवस्था RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड के जरिए किए जाने वाले ₹2,000 तक के भुगतान पर भी लागू होगी। सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना के अनुसार छोटे डिजिटल भुगतानों को शुल्क से मुक्त रखने का प्रावधान किया गया है। इससे रोजमर्रा की छोटी खरीदारी और डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह फैसला डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटी रकम के भुगतान में शुल्क का बोझ नहीं होने से ग्राहक और छोटे कारोबारी डिजिटल माध्यम को अधिक सुविधाजनक विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फैसले का असर खास तौर पर उन लेनदेन पर दिखाई दे सकता है, जिनमें लोग छोटी-छोटी रकम का भुगतान UPI के माध्यम से करते हैं। सरकार का यह कदम देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की व्यापक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसके पीछे का अर्थ।

  • पुस्तक समीक्षा-"सिलसिला मुनादी का"

    पुस्तक समीक्षा- समीक्षक- लालबहादुर चौरसिया 'लाल' पुस्तक - "सिलसिला मुनादी का" गजल संग्रह रचनाकार -श्रीमती आशा सिंह ,प्रकाशक-शिल्पायन प्रकाशन, प्रकाशित वर्ष- सन -2019 मूल्य-३००₹ "सिलसिला मुनादी का" पुस्तक आजमगढ़ जनपद में जन्मी, पली-बढ़ी, बहुचर्चित गजलकार श्रीमती आशा सिंह जी द्वारा रचित नब्बे गजलों का अनूठा संग्रह है। पुस्तक के नामकरण से ही हमें प्रतीत होने लगता है कि रचनाकार ने किन बिंदुओं को उकेरा होगा। क्योंकि जिसमें "सिलसिला" और "मुनादी" दोनों बातें समाहित हैं। सिलसिला का अर्थ है क्रमानुसार और मुनादी का अर्थ है ढिंढोरा पीटना, सूचित करना या सजग करना। यह बात बिल्कुल सोलह आने सत्य प्रतीत होती है कि गजलकार श्रीमती आशा सिंह ने संपूर्ण समाज को अपने गजल के माध्यम से सचेत करने का बखूबी प्रयास किया है। होना भी यही चाहिए। क्योंकि काव्य हमेशा दिशा देता है, सचेत करता है। जिसमें संपूर्ण लोक की रक्षा भी हो सके।जिस काव्य में लोकमंगल, लोकरंजन व लोकरक्षण का भाव नहीं है तो, वह काव्य ही नहीं है। "सिलसिला मुनादी का" गजल संग्रह की पहली ही ग़ज़ल का पहला ही शेर पढ़ते ही मन स्वाभिमान से गुंजायमान हो उठता है- बचा है एक ही पता बहार लाने को। बड़ी बेताब है आंधी उसे गिराने को।। जब गरीबों के न्याय की बात आती हैं तो आशा सिंह जी बिल्कुल आश्चर्य से भर उठती हैं और बड़े ही चुटीले अंदाज से बोल पड़ती हैं- मिलेगा न्याय गरीबों को सुनके लगता है, कोई, दलील हो शोलों में नमी जैसे। श्रीमती आशा सिंह की अधिकांश गजलों में गहन चिंतन है। संसार की स्वयं के प्रति सोच को उजागर करती हुई आशा जी कहती है की- वह कई किरदार मुझ में ढूंढता है। जादुई संसार मुझ में ढूंढता है ।। बैठता है तख्त पर वह खुद अकेले, और भरा दरबार मुझ में ढूंढता है।। आशा सिंह जी की गजलों में समाज के प्रति छटपटाहट व पीड़ा का व्यापक समावेश मिलता है। सच को सच कहने की वचनबद्धता है। झूठ को झूठ कहने का जज्बा भी है।जो इस ग़ज़ल से स्पष्ट हो उठता है- सपनों ने मुझे आज भी सोने नहीं दिया। दिखते रहे उदास भी होने नहीं दिया।। रहता है परेशान, मगर हारता नहीं, इस सच ने कभी झूठको धोने नहीं दिया। आशा सिंह जी किसी झंझावात से डरती नहीं हैं बल्कि विपरीत परिस्थितियों में समय की चुनौती स्वीकार करती हैं।झंझावातों से निपटने का उपाय भी ढूंढने का प्रयास करती दिखती हैं। इनके जज्बे की एक बानगी देखें- कठिन है प्रश्न, मगर यूं ही न टाला जाए। किसी यतन से कोई हल तो निकाला जाए।। हो थोड़ी देर मगर खलबली तो होगी, खामोश झील में पत्थर कोई डाला जाए।। आशा सिंह जी की गजलों में जाति धर्म से ऊपर उठकर सिर्फ इंसानियत को सजाने और संवारने की बात कही गई है। उन्हें यह विश्वास है कि धार्मिक कट्टरता व धार्मिक उन्माद से इंसानियत हमेशा चोटिल हुई है। वे संपूर्ण इंसान को एकता का पाठ पढ़ाते हुए कहती हैं- करते हैं मुकम्मल किसी इंसान की बातें। हिंदू की हो बातें ना मुसलमान की बातें।। अलगाव तो बिखराव की बुनियाद है यारों, छोड़ो जरा अलगाव के अभियान की बातें। आशा सिंह जी एक स्त्री हैं। स्त्री मन में प्रेम, क्षमा, दया,उल्लास, ममता व पीड़ा का विशाल भंडार होता है। स्त्री मन जब भी दुख सुख में सामंजस्य बनाने का प्रयास करता है तो यह गजल मुखरित हो उठती हैं - हृदय में प्रेम हो तो यूं मोहब्बत का असर आए। वह देखें जब तुम्हारी तस्वीर उसकी नजर आए।। मजा तकलीफ में भी है अगर हम दर्द हो ऐसा, हमारी आंख नम हो और वह भी चश्मे तर आए।। आशा जी की गजलों में यूं कहें तो कहीं महान गजलकार दुष्यंत कुमार का आक्रोश झलकता है तो कहीं ग़ालिब और मीर की संजीदगी भी समाहित प्रतीत होती है।कही सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के सुहाने एहसास मुखरित होते हैं तो कहीं अदम गोंडवी के सूफियाना अंदाज से लवरेज भावनाएं रची बसी प्रतीत होती हैं। पुस्तक "सिलसिला मुनादी का" अपने मकसद में कामयाब हो तथा ग़ज़लकार श्रीमती आशा सिंह की सशक्त लेखनी से संपूर्ण साहित्याकाश युगों युगों तक गुंजायमान व प्रकाशित रहे। मेरी यही शुभकामना है। -लालबहादुर चौरसिया "लाल" 9452088890

  • PM मोदी की अपील के बीच सोने के आयात में बड़ी गिरावट, व्यापार घाटे को मिली राहत

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com)नई दिल्ली | 15 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की अनावश्यक खरीद से बचने की अपील के बीच भारत के सोने के आयात में अगस्त महीने में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में भारत का सोना आयात घटकर करीब 2.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि जुलाई में यह लगभग 4.16 अरब डॉलर था। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से जरूरत के अलावा सोना खरीदने से बचने और स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की अपील की थी। सरकार का जोर सोने के आयात पर होने वाले विदेशी मुद्रा खर्च को नियंत्रित करने और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत रखने पर है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार सोने के आयात में कमी को केवल प्रधानमंत्री की अपील से जोड़ना सही नहीं होगा। सोने पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की स्थिति ने भी आयात को प्रभावित किया है। अगस्त में भारत का कुल वस्तु व्यापार घाटा भी घटकर करीब 26.86 अरब डॉलर रहा, जबकि जुलाई में यह लगभग 32 अरब डॉलर था। सोने के आयात में आई तेज गिरावट को व्यापार घाटे में कमी के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार की आयात नीति का असर आने वाले त्योहारी सीजन में सोने की मांग पर कितना पड़ता है, इस पर बाजार की नजर बनी हुई है। सोना भारतीय परिवारों की बचत और परंपराओं से गहराई से जुड़ा है, इसलिए इसकी मांग में बदलाव का असर आभूषण कारोबार और आयात दोनों पर पड़ सकता है। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, खबर के पीछे का अर्थ।

  • तिरुपति में योगी आदित्यनाथ का स्वागत, शर्मा, देवासी ने लिया आशीर्वाद

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com तिरुपति, 14 सितंबर 2026। तिरुपति बालाजी की पावन नगरी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के अवसर पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। श्री तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बेंगलुरु निवासी युवा नेता, समाजसेवी एवं भामाशाह पर्वत (आल) देवासी तथा शशिकांत शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की और उनका स्वागत-सत्कार किया। इस अवसर पर पर्वत देवासी और शशिकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। मुलाकात के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर आत्मीय संवाद भी हुआ। पर्वत देवासी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का संत जीवन, अनुशासन और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तिरुपति बालाजी की पावन भूमि पर मुख्यमंत्री से मुलाकात उनके लिए विशेष आध्यात्मिक एवं सामाजिक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि ऐसी शिष्टाचार भेंट से सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवा पीढ़ी को सकारात्मक ऊर्जा तथा जनसेवा के प्रति प्रेरणा मिलती है। उनके अनुसार, धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ राष्ट्रहित में कार्य करने की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। इस अवसर पर पर्वत देवासी ने बस्सी गांव और क्षेत्र की ओर से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तिरुपति जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर हुई यह मुलाकात उनके लिए गौरव का विषय है। कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने भी योगी आदित्यनाथ के दर्शन एवं धार्मिक यात्रा के अवसर को श्रद्धा और उत्साह से जोड़ा। वहीं, पर्वत देवासी ने युवाओं से सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। समाचार प्रेषक: पर्वत देवासी, बेंगलुरु

  • टाटा न्यू हेवन में गणेश भक्ति की धूम

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com मकाली, 14 सितंबर 2026। बेंगलुरु के हुस्कुर रोड, मकाली स्थित टाटा न्यू हेवन रेजिडेंशियल सोसायटी में गणेश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सोसायटी परिसर में भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना के साथ पूजा स्थल को फूलों, रोशनी और आकर्षक सजावटी सामग्री से सजाया गया है। उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में सोसायटी निवासी पूजा-अर्चना और गणेश दर्शन के लिए पहुंचे। गणेश उत्सव के अवसर पर बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा में हिस्सा लिया और भगवान गणेश के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इससे सोसायटी परिसर में धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक मेल-जोल का वातावरण भी बना रहा। फूलों और रोशनी से सजा पूजा स्थल गणेश प्रतिमा के आसपास फूलों से विशेष सजावट की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी, सजावटी पर्दों और अन्य सामग्री से पूजा स्थल को आकर्षक रूप दिया गया है। पूजा स्थल के सामने फल, फूल, पूजा सामग्री और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल बने आकर्षण गणेश उत्सव के साथ सोसायटी परिसर में एक छोटी प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। इसमें विभिन्न प्रकार के सामान के स्टॉल लगाए गए हैं, जिन्हें देखने के लिए सोसायटी के निवासी और आगंतुक पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनी में ग्लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड का इलेक्ट्रॉनिक्स स्टॉल भी शामिल है। यहां विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक एवं घरेलू उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। आयोजन में पहुंचे लोगों ने स्टॉल पर उपलब्ध उत्पादों को देखा और उनके संबंध में जानकारी प्राप्त की। बच्चों से लेकर बड़ों तक उत्साह गणेश उत्सव में बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लेने के साथ एक-दूसरे के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं। धार्मिक आयोजन ने सोसायटी के निवासियों को एक साथ आने और सामुदायिक सहभागिता का अवसर भी प्रदान किया। टाटा न्यू हेवन सोसायटी में आयोजित गणेश उत्सव श्रद्धा, सजावट और सामुदायिक सहभागिता के कारण उत्सवी वातावरण का रूप लेता नजर आया। पूजा-अर्चना के साथ प्रदर्शनी में लगे स्टॉल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।गणपति बप्पा मोरया!

  • BRICS के बाद ईरान-UAE बातचीत से क्षेत्रीय शांति की उम्मीद,

    भारत की कूटनीति पर भी नजर भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 14 सितंबर 2026 BRICS सम्मेलन के बाद पश्चिम एशिया में कूटनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बातचीत तथा क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। ऐसे समय में भारत की संतुलित कूटनीतिक भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ईरान और UAE के बीच संवाद को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से क्षेत्र में शांति और सहयोग की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। BRICS मंच के बाद सामने आ रही कूटनीतिक गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत और आपसी संवाद को महत्व दिया जा रहा है। भारत के लिए पश्चिम एशिया के देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि ईरान और UAE के बीच बातचीत आगे किस दिशा में बढ़ती है और इसका पश्चिम एशिया की व्यापक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है। क्षेत्र में तनाव कम होने की स्थिति वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश दे सकती है। भारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसके पीछे का अर्थ।

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