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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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हवाई यात्रियों को झटका: 60 प्रतिशत मुफ्त सीट नियम पर रोक, एयरलाइंस के दबाव में सरकार पीछे हटी

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
3 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। देश के हवाई यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से प्रस्तावित 60 प्रतिशत मुफ्त सीट चयन नियम फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है। केंद्र सरकार ने विमानन कंपनियों के तीव्र विरोध के बाद इस निर्णय को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।


नागर विमानन मंत्रालय द्वारा 18 मार्च 2026 को जारी निर्देश में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को कहा गया था कि सभी एयरलाइंस को हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सीट चयन में अधिक सुविधा और पारदर्शिता प्रदान करना था।


हालांकि, इस फैसले के सामने आते ही विमानन कंपनियों और उद्योग संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनका तर्क था कि सीट चयन शुल्क उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत है और इस व्यवस्था में बदलाव से परिचालन लागत पर दबाव बढ़ेगा। साथ ही, किराया संरचना भी प्रभावित होगी, जिससे टिकट दरों में वृद्धि की संभावना बन सकती है।


एयरलाइंस के विरोध के बाद सरकार ने स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस नियम के प्रभाव का व्यापक अध्ययन किए बिना इसे लागू नहीं किया जाएगा। ऐसे में फिलहाल यात्रियों को सीट चयन के लिए पहले की तरह अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।


मौजूदा व्यवस्था जारी

वर्तमान में एयरलाइंस लगभग 20 प्रतिशत सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराती हैं, जबकि बाकी सीटों के चयन के लिए यात्रियों को भुगतान करना पड़ता है। सीट के स्थान, लेगरूम और अन्य सुविधाओं के आधार पर यह शुल्क सामान्यतः 200 से 2,100 रुपये तक होता है।


अन्य यात्री सुविधाएं रहेंगी लागू

हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा से जुड़े अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे। इनमें सीट आवंटन में पारदर्शिता, एक ही पीएनआर वाले यात्रियों को साथ बैठाने की व्यवस्था, संगीत वाद्ययंत्र, खेल उपकरण और पालतू जानवरों के साथ यात्रा की सुविधा तथा सभी अतिरिक्त शुल्क की स्पष्ट जानकारी देना शामिल है।


यात्रियों को था राहत का इंतजार

देशभर के हवाई अड्डों से प्रतिदिन पांच लाख से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में 60 प्रतिशत मुफ्त सीट चयन का प्रस्ताव आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा था। लेकिन फिलहाल इस पर रोक लगने से यात्रियों को निराशा हाथ लगी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नियम लागू होता, तो यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ कम होता, लेकिन एयरलाइंस की आय पर असर पड़ने के चलते टिकट कीमतों में बढ़ोतरी भी संभव थी। अब सभी की नजरें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो इस मुद्दे पर संतुलन बनाने की कोशिश करेगा।

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