top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

जलपाईगुड़ी में 14 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, चुनावी माहौल में गरमाई सियासत

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 3
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता/जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर-पूर्व एक्सप्रेस ट्रेन से 14 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बुधवार रात जलपाईगुड़ी रोड रेलवे स्टेशन पर की गई, जिससे राज्य में पहले से गर्म चुनावी माहौल और अधिक सियासी रंग लेने लगा है।


गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच महिलाएं और चार नाबालिग शामिल हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी संख्या में फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, भारतीय मोबाइल सिम कार्ड के अलावा विदेशी मुद्रा मलेशियाई रिंगिट भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि ये सभी लोग असम के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर पश्चिम बंगाल होते हुए नई दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे।


आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में घुसने की बात स्वीकार की है। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनके भारत आने का असली उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं।


इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा पहले से कड़ी बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों का प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।


इधर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को बसाकर वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्र सरकार के अधीन है, ऐसे में राज्य सरकार को दोष देना अनुचित है।


विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की घटनाएं राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकती हैं और अवैध प्रवासन एक बार फिर प्रमुख चुनावी मुद्दा बन सकता है। फिलहाल आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन लोग और कौन सा तंत्र सक्रिय है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page