हंपी की पावन धरती पर सांसद लुंबाराम चौधरी संग श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, अंजनाद्री पहाड़ी पर हनुमान जन्मस्थली के दिव्य दर्शन
- धन्ना राम चौधरी

- 9 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर संवाददाता, धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
हंपी (कर्नाटक)। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से परिपूर्ण हंपी की पावन भूमि पर माननीय सांसद श्री लुंबारामजी चौधरी के साथ श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने हंपी के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर स्थलों का भ्रमण कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु अंजनाद्री हिल स्थित भगवान श्री हनुमान जी की जन्मस्थली पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर दिव्य दर्शन किए। इसके साथ ही पवित्र पंपा सरोवर, शबरी धाम तथा महालक्ष्मी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के पावन स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
श्रद्धालुओं ने भगवान के श्रीचरणों में समाज की उन्नति, सुख-समृद्धि और सर्वकल्याण की मंगलकामना की। इस पावन यात्रा में सिरोही आंजणा समाज के अध्यक्ष केरारामजी मालवी सहित अनेक श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
यात्रा में हुबली–धारवाड़ क्षेत्र से सोपाराम चौधरी, दुदाराम चौधरी, किशोर पटेल, तेजाराम, मुलाराम, कालूराम, मालाराम देवासी, किरण देवासी, रतन देवासी तथा होसपेट के रतन चौधरी, जामताराम सहित कई प्रवासी श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक यात्रा को जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
गौरतलब है कि हंपी न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र अपने समृद्ध इतिहास
और स्थापत्य कला के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। विजयनगर साम्राज्य की राजधानी रहे इस क्षेत्र को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है।
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह भी है कि भारतीय मुद्रा के ₹50 के नए नोट के पीछे हंपी का ऐतिहासिक पत्थर का रथ अंकित है। यह रथ विजय विट्ठल मंदिर परिसर में स्थित है और 16वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के समय निर्मित हुआ था। यह पत्थर से बना अद्भुत मंदिरनुमा रथ भारत की महान स्थापत्य विरासत का प्रतीक माना जाता है।
इस प्रकार हंपी का वही ऐतिहासिक और पवित्र क्षेत्र, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, आज भारतीय ₹50 के नोट पर अंकित होकर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान भी बना हुआ है।
उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी किशोर पटेल हुबली ने दी।
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