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स्टालिन का केंद्र को अल्टीमेटम: राज्य से दगा करने वालों के लिए 'बड़ा खतरा'

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 21
  • 1 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को केंद्र सरकार और राज्य के 'विश्वासघातकों' को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "तमिलनाडु के साथ धोखा करने वालों और इसके विकास में बाधा डालने वालों के लिए मैं हमेशा एक बड़ा खतरा बना रहूंगा।"

परिसीमन पर केंद्र को घेरा

स्टालिन ने केंद्र की परिसीमन नीति को निशाने पर लिया, इसे दक्षिणी राज्यों के लिए 'सजा' करार दिया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तमिलनाडु जैसे राज्य लोकसभा सीटें खो देंगे, जबकि उत्तर के राज्य लाभान्वित होंगे। उन्होंने इसे द्रविड़ स्वाभिमान और राज्य स्वायत्तता पर हमला बताया, जो तमिल जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

आर्थिक शोषण का पुराना आलम

दक्षिणी राज्य जीडीपी और कर संग्रह में भारी योगदान देते हैं, फिर भी केंद्र से उचित फंड नहीं मिलता। स्टालिन ने इसे 'राजनीतिक अलगाव' की साजिश कहा। पहले भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और तीन-भाषा फॉर्मूला विवाद में फंड रोके जाने पर राज्य ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

राजनीतिक संदेश साफ

यह बयान चुनावी रैली में आया, जहां स्टालिन ने विपक्ष के 'खतरनाक' तमगे को पलटकर केंद्र पर ठोक दिया। विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन समयसीमा नजदीक आते ही उत्तर-दक्षिण टकराव तेज होगा। केरल, कर्नाटक जैसे राज्य स्टालिन के साथ संयुक्त मोर्चा बना सकते हैं।

आगे की जंग?

केंद्र अब संवैधानिक या राजनीतिक समाधान देगा या टकराव बढ़ेगा? स्टालिन के तेवरों से साफ है कि राज्य हितों की रक्षा में वे आर-पार लड़ने को तैयार हैं। यह विवाद न केवल राजनीतिक, बल्कि भावनात्मक और आर्थिक मोर्चे पर भी गहरा रहा।


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