top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

सीजफायर पर पाकिस्तान का दावा फेल, लेबनान पर जारी रहेगा इजरायल का एक्शन

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 8
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

इजरायल। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच घोषित युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। जहां एक ओर पाकिस्तान खुद को इस संघर्षविराम का बड़ा मध्यस्थ बताने में जुटा था, वहीं इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी हकीकत इससे अलग है।

दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों को 15 दिनों के लिए रोकने की घोषणा के बाद क्षेत्र में अस्थायी शांति की उम्मीद जगी है। इस प्रस्ताव को ईरान ने भी सशर्त स्वीकार करने के संकेत दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यदि उन पर हमले बंद होते हैं, तो तेहरान भी सैन्य कार्रवाई रोक देगा।


इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दावा किया कि उनके प्रयासों से अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम संभव हो सका। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यह सीजफायर लेबनान समेत पूरे क्षेत्र पर लागू होगा। हालांकि, पाकिस्तान का यह दावा ज्यादा देर टिक नहीं सका। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संघर्षविराम केवल ईरान तक सीमित है और लेबनान पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इजरायल, अमेरिका के उस निर्णय का समर्थन करता है जिसके तहत ईरान के खिलाफ हमलों को अस्थायी रूप से रोका गया है। लेकिन यह समर्थन कुछ शर्तों के साथ है, जिनमें प्रमुख रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना और क्षेत्र में सभी प्रकार के हमलों को रोकना शामिल है।


बयान में यह भी साफ किया गया कि लेबनान के मोर्चे पर इजरायल की कार्रवाई जारी रहेगी और वहां किसी भी प्रकार का युद्धविराम लागू नहीं होगा। इससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है| विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान द्वारा किया गया व्यापक सीजफायर का दावा जल्दबाजी और कूटनीतिक अतिशयोक्ति का उदाहरण है। इजरायल की स्पष्ट प्रतिक्रिया ने यह जाहिर कर दिया कि जमीनी हालात कहीं अधिक जटिल हैं और हर मोर्चे की स्थिति अलग-अलग है। कुल मिलाकर, जहां एक ओर अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की संभावना बनी है, वहीं दूसरी ओर लेबनान को लेकर इजरायल का सख्त रुख यह दर्शाता है कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति अभी दूर की बात है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page