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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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सातरवाड़ा नशामुक्ति का ऐतिहासिक संकल्प, भूरिया परिवार बना मिसाल

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
21 जुल॰
2 मिनट पठन

की प्रेरणा से रेंन्डड़ी के भूरिया परिवार ने लिया साहसिक फैसला, पूरे कलबी समाज को दिया सामाजिक जागरण का संदेश

Elderly man in white turban and clothes sits before a brick wall, gazing solemnly at the camera.

रेंन्डड़ी ग्राम में आयोजित सामाजिक बैठक एवं भूरिया परिवार का सांकेतिक चित्र।

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) रेंन्डड़ी, जोधपुर (राजस्थान) | 21 जुलाई 2026 सातरवाड़ा नशामुक्ति अभियान की दिशा में राजस्थान के जोधपुर जिले के लूणी पटेल पट्टी स्थित ग्राम रेंन्डड़ी से समाज सुधार की एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है। गुरुवाणी की पावन प्रेरणा को आत्मसात करते हुए भूरिया परिवार ने संपूर्ण सातरवाड़ा क्षेत्र को नशामुक्त रखने का ऐतिहासिक और साहसिक संकल्प लिया है। इस निर्णय को समाज के विभिन्न वर्गों ने न केवल सराहा, बल्कि इसे पूरे कलबी समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बताया।


17 जुलाई 2026 को स्वर्गीय भेराराम जी पुत्र स्व. बुद्धराम जी भूरिया के देवलोक गमन के पश्चात आयोजित सामाजिक बैठक में परिवार ने शोक की घड़ी को समाजहित के संकल्प में बदल दिया। परिवार के सदस्यों ने गुरुवाणी को शिरोधार्य करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का प्रस्ताव समाज के बंधु-बांधवों, ग्रामवासियों और गिनायतों के समक्ष रखा। उपस्थित सभी लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया।


स्वर्गीय भेराराम जी के पुत्र वेनाराम जी, पुनाराम जी, अणदाराम जी तथा भाई दुर्गाराम जी, नेमाराम जी, चेनाराम जी, लुंबाराम जी, भतीजे खिमाराम जी, हाड़मानराम जी, सोनाराम जी, लालाराम जी एवं समस्त भूरिया परिवार ने यह संदेश दिया कि समाज की सच्ची सेवा केवल परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाना भी उतना ही आवश्यक है।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में नशा समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे दौर में किसी परिवार द्वारा सार्वजनिक रूप से नशामुक्ति का संकल्प लेना समाज सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह पहल सामाजिक चेतना, संस्कार और सामूहिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।


सामाजिक प्रबुद्धजनों ने कहा कि पावन तीर्थ धाम शिकारपुरा स्थित गुरु समाधि और गुरुगादी से प्राप्त मार्गदर्शन को समाज जीवन में अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने वीर युवाओं, पंच-पटेलों, महिला शक्ति, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों से सामाजिक जन-जागरण के ऐसे अभियानों को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि स्वर्गीय भेराराम जी को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति दें। साथ ही गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान से प्रार्थना की गई कि वे परिवार को समाज सेवा, जन-जागरण और गुरुवाणी के अनुरूप सत्कर्मों का मार्ग प्रशस्त करने की शक्ति प्रदान करें।


भूरिया परिवार का यह निर्णय केवल एक पारिवारिक संकल्प नहीं, बल्कि पूरे सातरवाड़ा और कलबी समाज के लिए सामाजिक परिवर्तन की नई शुरुआत माना जा रहा है। समाज के अनेक गणमान्य लोगों ने इस पहल को भविष्य के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अन्य गांवों और परिवारों से भी इसी प्रकार नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।

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