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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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सड़क किनारे ‘मौत के खंभों’ पर सख्त एक्शन: सीएम नायब सिंह सैनी का बड़ा फैसला, 3 फीट दूरी अनिवार्य

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
22 मार्च
2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 23 मार्च

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़कों के किनारे खड़े बिजली के खंभों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब सड़क से सटे खंभों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में लगाए जाने वाले सभी बिजली के खंभे सड़क के किनारे से कम से कम तीन फीट की दूरी पर ही स्थापित किए जाएं। सरकार का मानना है कि इस फैसले से सड़क हादसों में कमी आएगी और वाहन चालकों को आपात स्थिति में संभलने के लिए अतिरिक्त जगह मिल सकेगी।


बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल नए खंभों की स्थापना तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि मौजूदा खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं, अनुपयोगी हैं या सड़क चौड़ीकरण के बाद बीच मार्ग में आ गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अक्सर ऐसे खंभे रात के समय दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।


सरकार ने इस अभियान को व्यापक रूप देने के लिए प्रदेशभर में ऐसे खतरनाक स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित करने का निर्णय लिया है। इन स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर बाधाओं को हटाया जाएगा, ताकि सड़कें सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकें।


बैठक में लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच तालमेल की कमी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए और जो खंभे उपयोग के योग्य हैं, उन्हें अन्य स्थानों पर पुनः इस्तेमाल किया जाए। इससे न केवल सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि कार्यों में दक्षता भी आएगी।


मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ धरातल पर लागू करें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बाधामुक्त बनाने का यह अभियान प्रदेश के विकास को गति देने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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