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अंडमान-निकोबार में समुद्री सुरक्षा को नई ताकत: भारतीय तटरक्षक बल ने ओपीआरसी लेवल-I और एचएनएस प्रशिक्षण का पहला पाठ्यक्रम आयोजित किया

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 22
  • 2 min read

Updated: Mar 23

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

अंडमान-निकोबार। समुद्री पर्यावरण संरक्षण और तेल प्रदूषण से निपटने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहली बार ओपीआरसी लेवल-I और एचएनएस (खतरनाक और हानिकारक पदार्थ) प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह प्रशिक्षण 9 मार्च से 14 मार्च तक श्री विजयापुरम स्थित प्रदूषण प्रतिक्रिया टीम सुविधा केंद्र में आयोजित किया गया।


तटरक्षक अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य तेल रिसाव और खतरनाक रासायनिक पदार्थों के समुद्र में फैलाव से निपटने के लिए त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में आईसीजी के 16 कर्मियों के साथ-साथ अन्य समुद्री हितधारकों के 7 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके अलावा अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) के विभिन्न घटकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।


आईसीजी द्वारा सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, यह कोर्स प्रतिभागियों को तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया, एचएनएस रिसाव प्रबंधन और समुद्री पारिस्थितिकी की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं में दक्ष बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रशिक्षण से क्षेत्र में हाल ही में लागू की गई एचएनएस संकट प्रबंधन योजना को और मजबूती मिलेगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सामरिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां समुद्री प्रदूषण की घटनाएं व्यापक नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे।


50वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बढ़ी गतिविधियां

उल्लेखनीय है कि भारतीय तटरक्षक बल इस वर्ष अपना 50वां स्थापना वर्ष मना रहा है। इसी क्रम में 8 मार्च को नोएडा में आयोजित आईसीजी 10K रन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देने बल्कि आमजन में समुद्री सुरक्षा और तटरक्षक बल की भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था।


विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए तटरक्षक बल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। यह आयोजन आईसीजी की पांच दशकों की सेवा, समर्पण और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का प्रतीक रहा।


समुद्री सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम

आईसीजी का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल तेल और रासायनिक प्रदूषण से निपटने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि समुद्री पर्यावरण के संरक्षण और आपदा प्रबंधन में भी नई मजबूती आएगी।

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