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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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शिक्षा क्षेत्र में नागेश की मजबूत विरासत: विजयेंद्र

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
20 अग॰
2 मिनट पठन
कमरे में कई पुरुष BJP का नारंगी-हरा झंडा संभालते हुए, पीछे माला-चढ़ी तस्वीर; माहौल गंभीर और शोकपूर्ण।

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु, 19 अगस्त 2026।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने विधानसभा में पूर्व मंत्री बी.सी. नागेश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सरल, मिलनसार और सज्जन व्यक्तित्व का धनी नेता बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बीच नागेश ने शिक्षा क्षेत्र में मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण कार्य किया।


विजयेंद्र ने कहा कि आज की राजनीति में चुनाव जीतने और शीर्ष स्तर तक पहुंचने के लिए जातीय समीकरण और धनबल को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन बी.सी. नागेश ने अपनी अलग पहचान मेहनत, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा के माध्यम से बनाई।


उन्होंने बताया कि नागेश टिपटूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। बसवराज बोम्मई के मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान दिया।


शिक्षा में कौशल और रचनात्मकता पर जोर


विजयेंद्र ने कहा कि नागेश का दृष्टिकोण केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान देने तक सीमित नहीं था। वे बच्चों में कौशल, रचनात्मकता और व्यावहारिक क्षमता विकसित करने पर भी जोर देते थे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी।


उन्होंने कहा कि नागेश ने छात्र परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहकर संगठनात्मक अनुभव हासिल किया और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। अपनी सरल कार्यशैली और सहज व्यवहार के कारण उन्होंने विभिन्न वर्गों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर संबंध बनाए।


विजयेंद्र ने कहा कि नागेश ऐसे नेता थे, जिन्होंने बिना अनावश्यक विवादों में पड़े सभी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। कोविड महामारी के बाद शिक्षा क्षेत्र के सामने आई चुनौतियों के कठिन दौर में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत आधार देने का प्रयास किया।


उन्होंने कहा कि बी.सी. नागेश का योगदान और उनका सरल व्यक्तित्व लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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