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शांतिनगर चातुर्मास 2026: महासतीजी के मंगल प्रवेश में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 16 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Crowd gathers at an ornate, gold-lit temple at night, with a glowing statue under purple lights and a dark sky behind it.
19 जुलाई को डबल रोड से निकलेगा भव्य वरघोड़ा, प्रवासी समाज से सपरिवार शामिल होने की अपील

पूज्य महासतीजी के मंगल प्रवेश एवं संत समागम का आमंत्रण पोस्टर/कार्यक्रम स्थल का चित्र।

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 15 जुलाई, 2026 शांतिनगर चातुर्मास 2026 को लेकर बेंगलुरु के जैन समाज एवं प्रवासी राजस्थानी समुदाय में उत्साह का माहौल है। आगामी 19 जुलाई 2026 (रविवार) को श्रीमति भीखीबाई पूनमचंदजी लूनावत जैन स्थानक, शांतिनगर में पूज्य महासती मंगलज्योति मरासाब सहित छह महासतीजियों का भव्य मंगल प्रवेश एवं चातुर्मास प्रारंभ होगा। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों ने सभी प्रवासी परिवारों, समाज के पदाधिकारियों एवं धर्मप्रेमियों से सपरिवार उपस्थित होकर संत समागम का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।


जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:30 बजे डबल रोड सर्कल पर श्रद्धालुओं के स्वागत एवं अल्पाहार से होगी। इसके बाद 9:15 बजे भव्य मंगल प्रवेश वरघोड़ा शांतिनगर जैन स्थानक पहुंचेगा। लगभग एक किलोमीटर की पदयात्रा के साथ निकलने वाला यह धार्मिक जुलूस श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम बनेगा।


प्रवासी राजस्थानी कर्नाटक संघ के महामंत्री डॉ. जवरीलाल लूनावत जैन ने बताया कि पूज्य महासतीजी मरुधर क्षेत्र के समदड़ी निवासी लूंकड़ परिवार से संबंधित हैं। उनके सान्निध्य में चार माह तक चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन सुबह 8:45 बजे से 10:00 बजे तक नियमित प्रवचन होंगे। उन्होंने सभी समाजों के पदाधिकारियों, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं से संत समागम में भाग लेकर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।


आयोजकों ने कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं से पूर्व सहमति देने का अनुरोध किया है ताकि भोजन, बैठने एवं अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से की जा सकें। वाहन पार्किंग के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु अपना वाहन सेंट जोसेफ कॉलेज के गेट नंबर-3 के सामने स्थित गली में पार्क कर डबल रोड चौराहे तक पहुंच सकते हैं अथवा शांतिनगर में वाहन पार्क कर पैदल वरघोड़ा में शामिल हो सकते हैं।


धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह आयोजन समाज में सद्भाव, सेवा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगा।

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