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लखनऊ में सिलेंडर ब्लास्ट से भीषण आग, सैकड़ों परिवार बेघर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 16
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में बुधवार शाम एक भयावह अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। सीतापुर बाईपास के समीप स्थित मजदूरों की बस्ती में लगी मामूली आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। बस्ती में रखे 100 से अधिक गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक हुए धमाकों से पूरा आसमान लाल हो उठा और लपटें करीब 30 फीट ऊंचाई तक पहुंच गईं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 4 बजे एक झोपड़ी में लगी छोटी सी चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झुग्गियों में रखे घरेलू सामान, कपड़े और ज्वलनशील वस्तुओं ने आग को और भड़काने का काम किया। सिलेंडरों के लगातार विस्फोट से आसपास की कॉलोनियों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। हालात इतने भयावह थे कि स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 50 सिलेंडरों को बाहर निकालकर पास के नाले में फेंक दिया, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाला जा सका। हालांकि, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी और धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। घटना के दौरान अपनों को बचाने की कोशिश में जुटे लोगों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। सुरक्षा कारणों से पुलिस द्वारा बस्ती में प्रवेश रोकने पर आक्रोशित भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मियों और सिविल डिफेंस के जवानों सहित 8 से 10 लोग घायल हो गए।


दमकल विभाग के लिए यह अभियान किसी युद्ध से कम नहीं था। बार-बार हो रहे सिलेंडर ब्लास्ट के बीच आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। दर्जनों दमकल गाड़ियों और करीब 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग पास के पक्के मकानों तक फैलने से रोक ली गई, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। इस भीषण अग्निकांड में भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं और कई परिवार बेघर हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी मानव हानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन करीब 50 से अधिक मवेशियों की जलकर मौत हो गई। फिलहाल प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों को अस्थायी आश्रय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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