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रोहिचा खुर्द की बेटी उर्मिला पटेल बनी चार्टर्ड अकाउंटेंट, गांव और समाज में खुशी की लहर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 1
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ संवाददाता, धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com)

रोहिचा खुर्द। गांव रोहिचा खुर्द के लिए आज का दिन गौरव और हर्ष का अवसर बन गया, जब गांव की होनहार बेटी उर्मिला पटेल ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार, पटेल समाज और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।


उर्मिला पटेल, श्री भीमाराम जी (पुत्र किशनाराम जी करवड़) की सुपुत्री एवं श्री भूराराम जी (पुत्र चिमनाराम जी जड़मल) की पुत्रवधु हैं। सीमित संसाधनों और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने अथक परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। सीए जैसी प्रतिष्ठित एवं चुनौतीपूर्ण परीक्षा को उत्तीर्ण करना आसान नहीं होता, लेकिन उर्मिला ने यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और मजबूत इरादों से हर लक्ष्य पाया जा सकता है।


परिवारजनों ने बताया कि उर्मिला बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी और अनुशासित रही हैं। उन्होंने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए लगातार मेहनत की और हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना किया। उनकी सफलता पर पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, वहीं मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।


गांव एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने इसे नारी शक्ति का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि जब बेटियां सफलता की ऊंचाइयों को छूती हैं, तो केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज गौरवान्वित होता है।उर्मिला की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देगी क—“सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए मेहनत सच्ची और इरादे मजबूत हों।”


पटेल समाज एवं ग्रामीणों ने उर्मिला पटेल को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे जीवन में और भी ऊंचाइयों को स्पर्श करें तथा समाज को नई दिशा देने का कार्य करें।


निस्संदेह, रोहिचा खुर्द की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह सिद्ध करती है कि बेटियां सच में परिवार ही नहीं, बल्कि समाज की शान होती हैं।

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