राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या पहुंचे CM योगी, चंपत राय से दूरी ने बढ़ाई हलचलSIT जांच, VIP प्रोटोकॉल और राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवालों के बीच योगी दौरे पर टिकी देशभर की नजर
- धन्नाराम चौधरी

- 19 जून
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अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राम मंदिर परिसर का प्रतीकात्मक दृश्य।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) अयोध्या | 19 जून, 2026
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा अचानक बेहद चर्चित और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को अयोध्या में कई धार्मिक और विकास कार्यक्रमों में शामिल होंगे, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की दूरी को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार की सख्त रणनीति और बढ़ती जांच का संकेत माना जा रहा है।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। मुख्यमंत्री रामायण वैक्स संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और अयोध्या नगर निगम की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे। इसके अलावा उनका रामलला के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम भी तय है।
हालांकि इस पूरे दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूरी बनाए रखेंगे। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रोटोकॉल में चंपत राय से किसी अन्य प्रतिनिधि को कार्यक्रम में भेजने का अनुरोध किया गया है। पहले हर VIP आगमन पर चंपत राय स्वयं मौजूद रहते थे। ऐसे में यह बदलाव कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
दरअसल राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन को लेकर इन दिनों राजनीति गर्माई हुई है। इसी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार SIT पिछले चार दिनों से लगातार जांच कर रही है और अब तक 100 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से भी दान राशि की गिनती और कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर पूछताछ हुई। जांच एजेंसी पिछले 11 महीनों के दस्तावेजों की जांच कर रही है।
राजनीतिक रूप से भी यह मुद्दा अब बड़ा रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर हमला बोल रहे हैं। उन्होंने SIT जांच की दैनिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के मामलों पर पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है। वहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग उठाई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं SIT जांच की प्रगति की जानकारी ले सकते हैं और प्रशासनिक स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी दे सकते हैं।
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