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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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राज्यसभा उपसभापति चुनाव कल, हरिवंश पर एनडीए का दांव

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
16 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली, 16 अप्रैल। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को होने वाला चुनाव सियासी हलकों में खासा चर्चित हो गया है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने एक बार फिर मौजूदा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें पुनः इस पद पर आसीन कराने की तैयारी तेज कर दी है। गौरतलब है कि हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया। राज्यसभा के नियम 7 के तहत अब 17 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही के दौरान रिपोर्ट प्रस्तुत होने के तुरंत बाद चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।


एनडीए ने साधा समर्थन का गणित

सूत्रों के अनुसार, एनडीए ने हरिवंश के समर्थन में व्यापक सहमति बनाने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू कर दिए हैं। हाल ही में उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था और उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को शपथ भी ले ली। राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा विभिन्न दलों से संपर्क साधकर समर्थन जुटाने में जुटे हुए हैं। यदि हरिवंश दोबारा निर्वाचित होते हैं, तो वे इस पद पर लगातार कार्यकाल पाने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल होंगे।

विपक्ष ने उठाए सवाल, चुनाव रोचक होने के आसार

इस बीच विपक्ष ने एनडीए की रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे ‘जल्दबाजी’ करार दिया है। कांग्रेस के राज्यसभा मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद वर्षों से खाली रखे हुए है, जबकि राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव को लेकर जल्दबाजी दिखा रही है। विपक्षी दलों के बीच इस बात पर मंथन जारी है कि वे संयुक्त उम्मीदवार उतारें या नहीं। कई दलों का मानना है कि इतना महत्वपूर्ण संवैधानिक पद निर्विरोध नहीं जाना चाहिए, जिससे चुनाव मुकाबले में बदल सकता है।

परिणाम पर नजरें, ताकत का होगा इम्तिहान

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि हरिवंश निर्विरोध निर्वाचित होते हैं तो यह राज्यसभा में एनडीए की मजबूत स्थिति का संकेत होगा। वहीं विपक्ष यदि उम्मीदवार उतारता है तो यह चुनाव शक्ति परीक्षण में बदल सकता है। 17 अप्रैल 2026 को होने वाला यह चुनाव न केवल संसदीय परंपराओं की कसौटी होगा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक संतुलन की तस्वीर भी साफ करेगा।

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