top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

राजाजीनगर में ‘नूडी सडागरा’ का भव्य आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी संध्या

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 1
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ बेंगलूरु संवाददाता, धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु। राजाजीनगर स्थित श्री जगदगुरू रेणुकाचार्य महिला महाविद्यालय के कन्नडा संघ विभाग द्वारा ‘नूडी सडागरा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। भाषा, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन को समर्पित इस आयोजन में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ एम. वेंकटेश एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेता एवं निर्देशक के. सुचिंद्र प्रसाद, समाजसेवी महेंद्र मुणोत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता एस. वी. वीर भद्रेया ने की।


मुख्य अतिथि सुचिंद्र प्रसाद ने अपने संबोधन में कन्नड़ भाषा की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभाषा का संरक्षण और संवर्धन विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने छात्राओं को साहित्य, रंगमंच और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाजसेवी महेंद्र मुणोत ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा काव्य पाठ, नृत्य, नाट्य प्रस्तुति एवं गीत-संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। संपूर्ण परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर नजर आया।


महाविद्यालय की प्राचार्य प्रेमा सिद्धराजू ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘नूडी सडागरा’ जैसे आयोजन छात्राओं को अपनी भाषाई एवं सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


यह आयोजन न केवल भाषा प्रेम का उत्सव बना, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को भी नई दिशा प्रदान कर गया।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page