राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बॉर्डर के अवैध निर्माणों पर नहीं लगी रोक
- धन्नाराम चौधरी

- 14 जुल॰
- 2 मिनट पठन

राजस्थान हाईकोर्ट, भारत-पाक सीमा, जैसलमेर बॉर्डर (प्रतीकात्मक)
भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जयपुर | 14 जुलाई, 2026 राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के संवेदनशील क्षेत्र में स्थित कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यह मामला किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, वैधानिक प्रावधानों और कानून के पालन से जुड़ा हुआ है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में स्थित कुछ मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी नोटिसों पर फिलहाल कार्रवाई जारी रह सकेगी। अदालत ने साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक विशेषज्ञ समिति गठित करे, जो प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपे।
न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह समिति सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाएं खारिज कर दीं। इन याचिकाओं में दावा किया गया था कि संबंधित नोटिस अनुचित हैं और उन पर रोक लगाई जाए।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्र में कई निर्माण बिना वैध अनुमति के सरकारी अथवा कृषि भूमि पर किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार यह इलाका अत्यंत संवेदनशील है और यहां घुसपैठ, तस्करी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिम लगातार बने रहते हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत महत्वपूर्ण है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशील सूचनाओं का खुलासा सार्वजनिक हित के विपरीत हो सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और वैधानिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माणों और भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। वहीं प्रशासन अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
_edited.jpg)



टिप्पणियां