top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

मोदी को भायी बंगाल की झालमुड़ी, सड़क किनारे लिया स्वाद

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 21
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

झाड़ग्राम/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच रविवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ पल निकालकर आम लोगों के बीच पहुंचकर मशहूर बंगाली स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लिया। झाड़ग्राम में उनका काफिला अचानक सड़क किनारे रुका और वे एक छोटे से ठेले पर पहुंच गए। प्रधानमंत्री को इस अंदाज में अपने बीच पाकर स्थानीय लोग उत्साहित हो उठे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई।

प्रधानमंत्री ने इस अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि चार जनसभाओं की भागदौड़ के बीच उन्हें झाड़ग्राम में इस तीखे और चटपटे स्नैक का आनंद लेने का अवसर मिला, जो उनके लिए खास रहा।

क्या है ‘झालमुड़ी’ का खास स्वाद

पश्चिम बंगाल, खासकर कोलकाता की गलियों में मिलने वाली ‘झालमुड़ी’ एक लोकप्रिय और सुलभ स्ट्रीट फूड है। ‘झाल’ का अर्थ है तीखा और ‘मुड़ी’ यानी मुरमुरा। मुरमुरे में सरसों का कच्चा तेल, हरी मिर्च, प्याज, मसाले, भुनी मूंगफली और नमकीन मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज खुशबू और कुरकुरापन है, जो सीधे बंगाल की सड़कों का एहसास कराता है। वेंडर इसे बड़े कौशल के साथ स्टील के डिब्बों में मिलाते हैं और कागज के कोन में परोसते हैं। यह न केवल स्वाद में दमदार है, बल्कि सस्ता और तुरंत तैयार होने वाला स्नैक भी है।

भेलपुरी से अलग पहचान

देश के अन्य हिस्सों में मिलने वाली भेलपुरी से झालमुड़ी की तुलना अक्सर की जाती है, लेकिन स्वाद के मामले में दोनों बिल्कुल अलग हैं। जहां भेलपुरी में मीठी चटनी का हल्का स्वाद होता है, वहीं झालमुड़ी पूरी तरह से तीखी और मसालेदार होती है। इसमें इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल इसे एक विशिष्ट पहचान देता है।

हर राज्य में अलग अंदाज

भारत में मुरमुरे से बनने वाले स्नैक्स की विविधता भी कम नहीं है। बेंगलुरु की ‘चुरुमुरी’ में नारियल का स्वाद मिलता है, जबकि ओडिशा की ‘मसाला मुड़ी’ अपने सादे लेकिन तीखे फ्लेवर के लिए जानी जाती है। इन सबके बीच झालमुड़ी अपनी अनोखी खुशबू और चटपटेपन के कारण अलग मुकाम रखती है।

बदलते दौर में नए प्रयोग

समय के साथ झालमुड़ी के नए-नए रूप भी सामने आ रहे हैं। हेल्थ कॉन्शियस लोग इसमें स्प्राउट्स, कम तेल और मूंगफली का उपयोग पसंद कर रहे हैं। कुछ जगहों पर इसे आधुनिक ट्विस्ट देते हुए एवोकाडो और चीज के साथ भी परोसा जा रहा है। हालांकि, असली स्वाद आज भी सड़क किनारे ठेले पर बनने वाली पारंपरिक झालमुड़ी में ही माना जाता है।

सादगी ने जीता दिल

प्रधानमंत्री का यह सहज और सरल अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनावी व्यस्तता के बीच आम जनजीवन से जुड़ने का उनका यह प्रयास न केवल लोगों को प्रभावित कर गया, बल्कि बंगाल की इस पारंपरिक डिश को भी एक बार फिर सुर्खियों में ले आया।


ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page