मैसूर ट्रिपल सुसाइड से सनसनी, शादी से पहले दुल्हन समेत 3 की मौत
- धन्नाराम चौधरी

- 24 जून
- 2 मिनट पठन
ब्लैकमेल और मानसिक उत्पीड़न से टूटा परिवार, मंगेतर को भेजीं तस्वीरें; गांव में भारी आक्रोश

Mysore Triple Suicide Case Before Wedding
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मैसूर (कर्नाटक) | 23 जून, 2026। कर्नाटक के मैसूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में दो दिन बाद शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मैसूर जिले के टी. नरसिपुरा तालुक स्थित केम्पय्यानहुंडी गांव में दुल्हन बनने जा रही युवती और उसके माता-पिता ने कथित मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस ट्रिपल सुसाइड केस के बाद पूरे गांव में गुस्सा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान शिवन्ना, उनकी पत्नी नागरत्न और बेटी रक्षिता के रूप में हुई है। रक्षिता की शादी 24 जून को तय थी और परिवार में शादी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया था, लेकिन शादी से ठीक पहले आए इस सदमे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।
परिजनों और पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव का ही रहने वाला उल्लास गौड़ा नामक युवक लंबे समय से रक्षिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोप है कि आरोपी के पास रक्षिता की कुछ निजी तस्वीरें और संदेश थे, जिनके आधार पर वह युवती को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित तौर पर वे तस्वीरें रक्षिता के मंगेतर को भी भेज दीं और शादी रुकवाने की धमकी दी।
बताया जा रहा है कि सामाजिक बदनामी और मानसिक दबाव से परेशान होकर परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें रक्षिता ने अपनी मौत और माता-पिता की आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर उल्लास गौड़ा को जिम्मेदार ठहराया है।
रक्षिता की दादी चिन्नम्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपी परिवार का परिचित था और अक्सर घर आता-जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी रुकवाने की धमकी दी थी, जिससे पूरा परिवार डर और तनाव में था। दादी ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है।
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया। मौके पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी सी. टी. कुमार भी गांव पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल वरुणा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है।
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया, निजी तस्वीरों के दुरुपयोग और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ब्लैकमेलिंग और साइबर उत्पीड़न के मामलों में जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
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