top of page
भारतार्थ-logo

Lucknow Fire के बाद यूपी में अलर्ट, कोचिंग सेंटरों की होगी सख्त जांच

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 24 जून
  • 2 मिनट पठन
लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतों के बाद प्रशासन एक्शन मोड में, कई जिलों में शुरू हुआ फायर सेफ्टी अभियान

लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतों के बाद प्रशासन एक्शन मोड में, कई जिलों में शुरू हुआ फायर सेफ्टी अभियान

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) लखनऊ | 23 जून, 2026।Lucknow Fire हादसे के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में छात्रों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब प्रदेश के कई बड़े शहरों में कोचिंग संस्थानों, डिजिटल लाइब्रेरी और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर दी गई है। प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मेरठ और मुरादाबाद सहित कई जिलों में जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से विशेष अभियान चला रहे हैं।


सरकार का दावा है कि इस बार केवल औपचारिक जांच नहीं बल्कि सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। फायर विभाग के अधिकारी मंगलवार से एक सप्ताह तक चलने वाले विशेष निरीक्षण अभियान में कोचिंग सेंटरों और डिजिटल लाइब्रेरी की औचक जांच करेंगे। खास तौर पर उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जो संकरी गलियों या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं।


जांच के दौरान अधिकारी अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन की क्षमता, विद्युत वायरिंग, प्रवेश और निकास द्वारों की चौड़ाई तथा फायर एनओसी की स्थिति की जांच करेंगे। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आपदा की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की क्या व्यवस्था मौजूद है।


प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने भी शहर के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज ने सभी जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वे कोचिंग संचालकों और भवन स्वामियों के साथ संवाद स्थापित करें और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करें।


फायर सेफ्टी जांच के साथ-साथ प्रशासन जागरूकता अभियान भी चलाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोचिंग संचालकों और छात्रों को मॉक ड्रिल के जरिए आग बुझाने और बचाव की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के समय घबराहट कम करने और समय रहते सुरक्षित निकासी के लिए यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।


प्रदेश के कई जिलों में विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें लगातार एक सप्ताह तक निरीक्षण करेंगी और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगी। बिना पंजीकरण संचालित हो रहे संस्थानों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले भवनों पर कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।


लखनऊ अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी भय और चिंता का माहौल है। ऐसे में प्रशासन पर यह दबाव बढ़ गया है कि वह सिर्फ जांच तक सीमित न रहे बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और कठोर कदम उठाए।


विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते कोचिंग संस्थानों के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बड़ा खतरा बनती जा रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page