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मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य, 1 मई से सख्ती

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 23
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी में 1मई 2026 से ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि यह नियम पहले से अस्तित्व में था, लेकिन अब राज्य सरकार इसे सख्ती से लागू करने जा रही है। इस निर्णय ने जहां एक ओर स्थानीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण की बहस को तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर हिंदी भाषी चालकों के रोजगार पर संकट की आशंका भी जताई जा रही है।


राज्य में ऑटो-टैक्सी परमिट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे चालक इस पेशे में आए हैं, जिन्हें मराठी का ज्ञान नहीं है। अब प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1मई 2026 के बाद बिना मराठी समझे या बोले चालक इस व्यवसाय में नहीं रह सकेंगे। इसी बीच (एमएनएस) ने इस नियम के समर्थन में अभियान तेज कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुंबई के गोरेगांव, मलाड, बोरीवली, अंधेरी और मुलुंड जैसे इलाकों में ऑटो चालकों के वाहनों पर स्टीकर लगाए हैं। इन स्टीकरों पर लिखा है— “मुझे मराठी समझ में आती है, मैं मराठी बोलता हूं, मेरी ऑटो में बैठिए।” इस पहल को स्थानीय स्तर पर समर्थन भी मिल रहा है। कई पुराने ऑटो चालकों का मानना है कि यह निर्णय उचित है और इससे स्थानीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि यात्रियों के साथ संवाद में मराठी का उपयोग सेवा को बेहतर बनाएगा।


हालांकि इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने इसे रोजगार विरोधी बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। यूनियन नेता शशांक राव का कहना है कि जब पहले से ही मराठी अनिवार्य थी, तब बिना भाषा ज्ञान वाले चालकों को परमिट क्यों दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम निजी परिवहन कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यूनियन ने इस फैसले के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। 28 अप्रैल 2026 को परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 4 मई 2026 से व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने मुंबई में भाषा, रोजगार और क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस निर्णय पर कितनी सख्ती बरतती है और इसका आम चालकों की आजीविका पर क्या प्रभाव पड़ता है।


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