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मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की सक्रिय कूटनीति: पीएम मोदी ने फ्रांस, ओमान व मलेशिया के नेताओं से की अहम बातचीत

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 19 मार्च
  • 2 मिनट पठन

तनाव कम करने, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर; डिप्लोमेसी को बताया एकमात्र समाधान



भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ओमान, फ्रांस और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय हालात, शांति प्रयासों और स्थिरता बहाल करने पर विस्तृत चर्चा की।


प्रधानमंत्री ने इन वार्ताओं के दौरान स्पष्ट किया कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संकट का समाधान मानता है और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के हर प्रयास में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।


ओमान के सुल्तान से चर्चा, समुद्री सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत करते हुए द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने ओमान की जनता को अग्रिम ईद की शुभकामनाएं भी दीं।


वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा दोहराते हुए भारत का स्पष्ट रुख सामने रखा।


इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने संकट के दौरान भारतीय नागरिकों समेत हजारों लोगों की सुरक्षित निकासी में ओमान द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर भी बल दिया।


फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से गहन विचार-विमर्श

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से भी बातचीत की। इस दौरान पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति, बढ़ते तनाव और तत्काल समाधान की जरूरत पर विस्तार से चर्चा हुई।


दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता ही सबसे प्रभावी है। साथ ही भारत और फ्रांस के बीच इस मुद्दे पर निकट समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।


मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी संवाद, त्योहार की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी फोन पर बात की। उन्होंने मलेशिया की जनता को हरि राया एदिलफित्री के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।


वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। दोनों देशों ने शांति और स्थिरता को शीघ्र बहाल करने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।


भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

इन उच्चस्तरीय वार्ताओं से यह स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और सक्रिय शक्ति के रूप में उभर रहा है। वर्तमान संकट के समय भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों की वकालत भी कर रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह कूटनीतिक सक्रियता पश्चिम एशिया में संतुलन बनाने और वैश्विक शांति प्रयासों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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