मॉनसून फिर तेज: ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
- Ashok kumar Singh

- 4 दिन पहले
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भारतार्थ खबर अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी तथा अत्यंत भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना है।
मौसम में सक्रियता की प्रमुख वजह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तट के ऊपर बना अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विशेष सतर्कता
IMD के अनुसार 30 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की संभावना है। ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
ओडिशा में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में निचले इलाकों में जलभराव तथा स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ सकता है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश का असर
IMD के अनुसार गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और झारखंड में 30 और 31 अगस्त को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले स्थानों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय रहेगा मौसम
IMD के 31 अगस्त के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी रह सकता है। ऐसे में मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उत्तराखंड और हिमाचल में सावधानी जरूरी
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। IMD ने उत्तराखंड में 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
तेज बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक जलभराव और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। IMD ने 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
मध्य भारत में भी बारिश का दौर
छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है, जबकि 2 से 5 सितंबर के बीच वहां बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR में कब बढ़ेगी बारिश?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। IMD के अनुसार बारिश का दौर अगले कुछ दिनों में जारी रह सकता है।
सितंबर की शुरुआत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
IMD के पूर्वानुमान से स्पष्ट है कि बारिश का दौर केवल 31 अगस्त तक सीमित नहीं रहने वाला है। पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में सितंबर के शुरुआती दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
लोग क्या सावधानी बरतें?
- भारी बारिश के दौरान निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- गरज-चमक के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क स्थिति की जानकारी लें।
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें।
- मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के ताजा अलर्ट पर लगातार नजर रखें।
- अत्यधिक बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचना अधिक सुरक्षित है।
मौसम विभाग की चेतावनी का सार
मॉनसून की सक्रियता के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि हर जिले में बारिश की तीव्रता समान नहीं होगी। इसलिए सामान्य पूर्वानुमान के बजाय संबंधित जिले के स्थानीय IMD अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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