भीषण गर्मी का कहर, स्कूलों में समय से पहले छुट्टियां
- धन्ना राम चौधरी

- 19 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
देशभर में तेजी से बढ़ते तापमान और हीटवेव के प्रकोप ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे खासकर स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी स्थिति को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने स्कूलों के संचालन को लेकर नई गाइडलाइन जारी करते हुए समय से पहले गर्मी की छुट्टियों और समय परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया जाएगा। वहीं, उत्तराखंड और तेलंगाना में भी नवाचारपूर्ण कदम उठाए गए हैं। छात्रों को डिहाइड्रेशन और लू से बचाने के लिए स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत नियमित अंतराल पर घंटी बजाकर बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जाएगी। तेलंगाना सरकार ने खुले स्थानों पर कक्षाएं संचालित करने पर रोक लगाते हुए सार्वजनिक स्थानों को कूलिंग सेंटर के रूप में उपयोग करने के निर्देश भी दिए हैं। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। सतना सहित कई जिलों में अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे, ताकि विद्यार्थी दोपहर की तेज धूप से पहले घर लौट सकें।
ओडिशा में रेड अलर्ट की स्थिति को देखते हुए 18 से 21 अप्रैल तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इससे पहले राज्य में मॉर्निंग शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया था। दक्षिण भारत में केरल सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए गर्मी की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार की स्पेशल क्लास पर प्रतिबंध लगा दिया है। शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उधर, उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में भी गर्मी की छुट्टियों की तारीखें तय कर दी गई हैं। दिल्ली में 11 मई, उत्तर प्रदेश में 20 मई और राजस्थान में 17 मई से स्कूलों में अवकाश रहेगा। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं, हल्के कपड़े पहनाएं और दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सरकारों के ये फैसले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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