बेंगलूरु में श्री आंजणा पटेल कलबी समाज का होली स्नेह मिलन, गैर नृत्य के साथ झलकी राजस्थान की सांस्कृतिक छटा
- धन्ना राम चौधरी

- 16 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च
भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलूरु। श्री आंजणा पटेल कलबी समाज सिवांची पट्टी बेंगलूरु द्वारा भिक्षु धाम में होली स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक राज्यपाल के ओएसडी शंकर गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका संघ के महामंत्री एवं श्री मरुधरा जैन संघ के अध्यक्ष डॉ. जवरीलाल लूनावत ने की। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष दुर्गाराम पटेल, पूर्व अध्यक्ष सिमरथाराम पटेल तथा खेताराम मालवी भी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा राजेश्वर भगवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद पटेल समाज के रणछोड़राम भूरिया ने सभी अतिथियों का पारंपरिक साफा पहनाकर स्वागत किया। समारोह में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली और समाज के महिला-पुरुषों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक गैर नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान लूणी के विधायक एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभी को होली की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सभी समाज बंधुओं से आग्रह किया कि 28 फरवरी 2026 को शिकारपुरा में रामनवमी के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष तथा भारत सरकार के पर्यटन मंत्री विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मुख्य अतिथि शंकर गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि पटेल समाज द्वारा होली स्नेह मिलन में प्रस्तुत गैर नृत्य देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो बेंगलूरु में ही राजस्थान की संस्कृति जीवंत हो उठी हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज के हित में जो भी संभव होगा, वह राज्यपाल महोदय से अनुरोध कर सहयोग प्रदान करने का प्रयास करेंगे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. जवरीलाल लूनावत ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने दक्षिण भारत में रहकर भी राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने के लिए प्रवासी राजस्थानी समाजों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम सभी को संगठित होकर अपनी संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाना चाहिए।
डॉ. लूनावत ने आंजणा पटेल समाज को अत्यंत संगठित समाज बताते हुए कहा कि श्री राजाराम आश्रम शिकारपुरा के गादीपति द्वारा समाज हित में दिए गए संदेशों का पूरा समाज एकजुट होकर पालन करता है। उन्होंने बेंगलूरु में प्रवासी राजस्थानी समाज द्वारा गौसेवा के कार्यों की भी सराहना की और “प्रवासी राजस्थानी कर्नाटका गौ सेवा समिति” का गठन कर सरकार से गौशाला के लिए भूमि की मांग करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्यपाल से भी सहयोग लिया जाएगा।
समाज के अध्यक्ष दुर्गाराम पटेल ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों और समाज बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने समाज के सभी सदस्यों से एकजुट होकर समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रवासी संघ के उपाध्यक्ष कांतीलाल गुलेच्छा सहित पटेल समाज के मोहनराम, हडमानराम, दूदाराम, नेमाराम, केवलराम, विष्णुलाल तथा सिवांची पट्टी के अनेक समाज बंधु एवं नारी शक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में होली के रंग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मेल-मिलाप के साथ पूरे वातावरण में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
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