“बेंगलूरु में मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट वेंडिंग पर लगेगा ब्रेक: पैदल यात्रियों के लिए नई फुटपाथ नीति तैयार”
- धन्ना राम चौधरी

- 21 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 24 मार्च

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलुरु| कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शहरी यातायात और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रस्तावित नई नीति के तहत शहर की मुख्य और उप-सड़कों पर स्ट्रीट वेंडिंग (रेहड़ी-पटरी) पर रोक लगाई जाएगी।
फुटपाथ होंगे पूरी तरह खाली, पैदल यात्रियों को राहत
विधान सौध में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने बताया कि सरकार एक व्यापक फुटपाथ नीति पर काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य अतिक्रमण हटाकर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी वालों के कब्जे के कारण आम नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई नीति के तहत फुटपाथों को पूरी तरह आम जनता के उपयोग के लिए खाली रखा जाएगा।
निर्धारित स्थानों पर ही लगेगी रेहड़ी-पटरी
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि स्ट्रीट वेंडर्स को पूरी तरह हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उनके लिए शहर में कुछ विशेष स्थान निर्धारित किए जाएंगे। केवल उन्हीं जगहों पर वैध पहचान पत्र के साथ वेंडिंग की अनुमति होगी।
शिवकुमार के अनुसार, इस प्रस्ताव को सभी दलों के विधायकों का सर्वसम्मत समर्थन मिला है, जिससे इसके लागू होने की संभावना और मजबूत हो गई है।
60 हजार वेंडर्स पंजीकृत, विशेष वाहनों की तैयारी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 60,000 रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से करीब 30,000 ने विशेष वेंडिंग वाहनों की मांग की है। इसके लिए सरकार पहले ही टेंडर जारी कर चुकी है।
लावारिस वाहनों पर भी सख्ती
उपमुख्यमंत्री ने शहर की सड़कों पर लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की। ऐसे वाहनों को टो कर निर्धारित स्थानों पर ले जाया जाएगा। इसके लिए बेल्लाहल्ली, बिडागनहल्ली, बिड्डानहल्ली और सोंडेकोप्पा जैसे स्थानों की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक निगम को ‘नो-पार्किंग’ क्षेत्रों में खड़े वाहनों को हटाने के लिए दो-दो टोइंग वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
फ्लेक्स बैनरों पर भारी जुर्माने की तैयारी
शहर में अवैध फ्लेक्स बैनरों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस पर कड़ा नियंत्रण लगाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत अवैध बैनर लगाने पर 50,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद जन्मदिन और अन्य आयोजनों के लिए मनमाने ढंग से बैनर लगाए जा रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सख्त नियम: रात में ठेले छोड़ने पर जब्ती
रेहड़ी-पटरी वालों को चेतावनी दी गई है कि वे काम खत्म होने के बाद अपनी गाड़ियां सड़कों पर न छोड़ें। यदि कोई ठेला लावारिस पाया गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।
अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा
नगर प्रबंधन से जुड़े अन्य विषयों पर बोलते हुए शिवकुमार ने बताया कि शहर के पार्कों के खुलने और बंद होने का समय स्थानीय विधायकों के परामर्श से तय किया जाएगा।
वहीं, वार्ड स्तर पर 5 से 10 करोड़ रुपये के बजट आवंटन की मांग को उन्होंने अत्यधिक बताते हुए कहा कि इस पर पुनर्विचार किया जाएगा।
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