बेंगलूरु बना उन्नत हृदय उपचार का हब
- धन्ना राम चौधरी

- 17 अप्रैल
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भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बेंगलूरु, 17 अप्रैल। देश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता बेंगलूरु अब उन्नत हृदय चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जटिल हृदय रोगों के इलाज को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और मरीजों के लिए सहज बना दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) और ट्रांसकैथेटर माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएमवीआर) जैसी आधुनिक प्रक्रियाएं पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी का प्रभावी विकल्प बन रही हैं। इन तकनीकों के माध्यम से बिना छाती खोले ही वाल्व से जुड़ी गंभीर समस्याओं का इलाज संभव हो रहा है, जिससे मरीजों के लिए जोखिम काफी कम हो गया है। नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय मेहरोत्रा ने एक मीडिया संवाद में बताया कि नई तकनीकों के कारण जटिल मामलों में भी बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “इन प्रक्रियाओं का सबसे बड़ा लाभ मरीजों की तेज रिकवरी है। जहां पारंपरिक सर्जरी के बाद मरीजों को हफ्तों अस्पताल में रहना पड़ता है, वहीं टीएवीआर कराने वाले मरीज 24 से 72 घंटे के भीतर सामान्य स्थिति में लौट आते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, टीएवीआर या अन्य वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने वाले 73 प्रतिशत से अधिक मरीज सात वर्षों तक स्वस्थ रहते हैं और उन्हें दोबारा वाल्व से संबंधित गंभीर समस्या नहीं होती।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये तकनीकें विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिन्हें दूसरी बार हृदय सर्जरी की आवश्यकता होती है। पहले ऐसी सर्जरी अत्यधिक जोखिम भरी मानी जाती थी, लेकिन अब बिना छाती दोबारा खोले ही इलाज संभव हो गया है। बेंगलूरु में अत्याधुनिक अस्पतालों, नवीनतम उपकरणों और अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता ने इसे देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हृदय उपचार के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बना दिया है। तेजी से विकसित होती चिकित्सा सुविधाएं और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण बेंगलूरु को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों का उपयोग और बढ़ेगा, जिससे हृदय रोगों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
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