बेंगलुरु में राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा आस्था का सैलाब
- धन्नाराम चौधरी

- 11 अग॰
- 6 मिनट पठन
भव्य जागरण में पूरी रात गूंजे गुरु गुणगान; शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाज सुधार के संकल्प के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय महोत्सव

बेंगलुरु में श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि महोत्सव के दौरान भजन संध्या, पूजा-अर्चना एवं समाज सम्मान समारोह
भारतार्थ खबर। बेंगलुरु संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 11 अगस्त 2026। श्री श्री 1008 श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि महोत्सव बेंगलुरु में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के साथ भव्य रूप से मनाया गया। श्री राजाराम आंजणा पटेल संघ, बेंगलुरु के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में विशाल भजन संध्या, रात्रि जागरण, पूजा-अर्चना, आमसभा, महाप्रसादी और समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान प्रमुख आकर्षण रहे। राजस्थान से पहुंचे भजन कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्तिरस में डुबोए रखा।
श्री राजारामजी महाराज को आंजणा पटेल समाज के आराध्य संत के रूप में श्रद्धा से स्मरण करते हुए समाजबंधुओं ने उनके जीवन, संदेश और आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पैलेस ग्राउंड में सजा भव्य धार्मिक मंच

श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि महोत्सव के तहत 10 अगस्त 2026 की रात्रि बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड स्थित प्रिन्स एकेडमी, गेट नंबर 9 में भव्य जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। रात 10 बजे शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रम मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे तक चला।
कार्यक्रम की शुरुआत चढ़ावे के लाभार्थियों द्वारा श्री राजारामजी महाराज की पूजा-अर्चना से हुई। पंडित अखिलेश दवे ने आगंतुक अतिथियों एवं भक्तगणों का राजेश्वर भगवान की आरती-दर्शन और तिलक के साथ स्वागत किया।
इस अवसर पर राजस्थान से पहुंचे प्रसिद्ध भजन कलाकार गजेन्द्र राव एंड पार्टी तथा संजू राव, पाली सहित अन्य कलाकारों ने गणेश वंदना से भजन संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद गुरु महिमा और राजेश्वर भगवान की भक्ति से जुड़े अनेक लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं।
भजनों पर रातभर झूमे श्रद्धालु
भजन संध्या में प्रस्तुत भक्तिगीतों ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरी रात भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। सुप्रसिद्ध देशी भजन कलाकार नरसारामजी ने भी भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में भक्तिरस घोल दिया।
भक्ति गीतों के साथ प्रसिद्ध नृत्य कलाकार अंकित मोदी और कल्पना पटेल ने भी आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का रंग भर दिया।
भजन संध्या का संचालन नरसिंह पटेल समदड़ी ने किया। कार्यक्रम की तकनीकी एवं मीडिया व्यवस्था में छगनाराम चौधरी, आंजणा यूट्यूब चैनल एवं फिल्म स्टूडियो भीनमाल, तामरा साउंड सिस्टम, कैमरा टीम और भजन मंडली का सहयोग रहा।
मागड़ी रोड मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना

11 अगस्त 2026 मंगलवार को मागड़ी रोड स्थित श्री राजारामजी मंदिर परिसर में सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने श्री राजारामजी महाराज के दर्शन कर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और समाज एवं देश की सुख-शांति की मंगलकामना की।
इसके बाद सुबह 10:30 बजे आमसभा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों, राजस्थान से आए अतिथियों और बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने सहभागिता की।
अध्यक्ष दुर्गाराम पटेल ने दिया समाज एकता का संदेश
आमसभा में आंजणा पटेल समाज के अध्यक्ष दुर्गाराम पटेल ने समाजबंधुओं का स्वागत करते हुए संत परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत किसी एक व्यक्ति, समाज या समुदाय तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके आदर्श और मार्गदर्शन सभी के लिए प्रेरणादायी होते हैं।
उन्होंने समाज से संतों द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में एकजुट प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सद्भाव और युवाओं की भागीदारी से संभव है।
महिला शक्ति और शिक्षा पर विशेष जोर

आमसभा में वक्ताओं ने समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए महिला शिक्षा और बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आंजणा पटेल समाज की महिलाओं ने अपनी संस्कृति और सभ्यता को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की प्रगति के लिए महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों में और अधिक अवसर देने की आवश्यकता है।
सभा में महिला मंडल के गठन पर भी चर्चा की गई। साथ ही समाज की नई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने और शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की गई।
होनहार विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज की ओर से कक्षा 1 से लेकर डिग्री स्तर तक शिक्षा प्राप्त कर रहे एवं उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को सम्मानित कर शिक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी नई पीढ़ी है। यदि बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
चढ़ावे के लाभार्थियों एवं अतिथियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न चढ़ावों के लाभार्थियों का संघ की ओर से माला, साफा एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। राजस्थान से पहुंचे गणमान्य अतिथियों का भी परंपरागत रूप से माला एवं साफा पहनाकर बहुमान किया गया।
समाजबंधुओं ने आयोजन में सहयोग देने वाले भामाशाहों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। आगामी कार्यक्रमों के लिए चढ़ावे की बोलियां भी लगाई गईं।
सचिव भीमाराम भूरिया ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
संघ के सचिव भीमाराम भूरिया पहाड़पुरा ने समाज में चल रही गतिविधियों और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने संगठन की ओर से किए जा रहे सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों की जानकारी समाजबंधुओं के सामने रखी।
मंच का संचालन भीमाराम भूरिया पहाड़पुरा ने किया। उपकोषाध्यक्ष मांगीलाल पटेल ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इससे समाज में पारदर्शिता और संगठनात्मक जवाबदेही का संदेश गया।
समाज सुधार और सांस्कृतिक संरक्षण पर मंथन
आमसभा में अनेक वक्ताओं ने समाज सुधार, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास तथा शिक्षा के महत्व पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में समाज की परंपराओं और संस्कृति को सुरक्षित रखने के साथ नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
श्री राजारामजी महाराज की शिक्षाओं और संत परंपरा का स्मरण करते हुए समाजबंधुओं ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने, आपसी भाईचारा मजबूत करने और जरूरतमंदों की सहायता करने की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
राजेश्वर सेवा मंडल और महिला मंडल ने संभाली व्यवस्थाएं
दो दिवसीय श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि महोत्सव को सफल बनाने में राजेश्वर सेवा मंडल, राजेश्वर महिला मंडल, संघ के कमेटी सदस्यों और समाजबंधुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भव्य आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से सहयोग किया। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय सहभागिता भी कार्यक्रम की खास विशेषता रही।
राजस्थान से पहुंचे समाजबंधुओं की रही विशेष सहभागिता
पुण्यतिथि महोत्सव में राजस्थान से भी अनेक गणमान्य अतिथि और समाजबंधु बेंगलुरु पहुंचे। प्रवासी समाजबंधुओं ने अपने आराध्य संत श्री राजारामजी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए आयोजन में भाग लिया।
बेंगलुरु और राजस्थान के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम ने प्रवासी समाज को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
भक्ति से लेकर समाज सेवा तक दिखी एकजुटता
दो दिवसीय आयोजन में एक ओर जहां रात्रि जागरण में भक्ति का उल्लास देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर आमसभा में समाज के भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हुई। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने जैसे विषयों ने कार्यक्रम को धार्मिक आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक चिंतन का मंच बना दिया।
श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों को याद करते हुए समाज में सद्भाव, सेवा, संस्कार और एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।
भव्य आयोजन का हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष कलाराम चौधरी ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं, कलाकारों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इसके साथ ही श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि महोत्सव का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण समापन हुआ। पूरे आयोजन में छोगाराम आकोदिया, समर्थाराम ओड, नाथूराम पटेल, लक्ष्मण पटेल, नरसाराम पटेल, केवलराम आकोदिया, खीमाराम, गोंगाराम, गोमाराम, लखमाराम बाला, मूलाराम, कूंपाराम, जोगाराम, मानाराम, प्रेमराज, अचलाराम खागड़ा, केवलराम काग, वालाराम, पीराराम, छोगाराम कोदली, टीकमाराम, गणेशाराम, बगदाराम, भंवरलाल आकोदिया, भूराराम, वीरमाराम काग, दूदाराम, लीलाराम, महादेवाराम, पूनाराम फक, भगाराम, चेलाराम, जुठाराम, खुशाल पटेल, ठाकराराम, राजाराम, रतनराम, राजाराम भूरिया, रूपाराम, सोनाराम, बुधराम मालवी, अशोक, कपूराराम सोलंकी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य बंधुओं की सहभागिता रही।
श्री राजारामजी महाराज की 83वीं पुण्यतिथि का यह महोत्सव भक्ति, संस्कार और सामाजिक एकता के साथ शिक्षा एवं समाज सुधार का प्रभावशाली संदेश छोड़ गया। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि संत परंपरा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरक शक्ति भी है।
_edited.jpg)



टिप्पणियां