बेंगलुरु में उपासक श्री दीपसिंह का भव्य स्वागत, भक्ति से गूंजा नगरथपेठ
- धन्नाराम चौधरी

- 10 अग॰
- 2 मिनट पठन
तवाव स्थित देवीसिंह-वनेसिंह जुझार बावसी के परम पूज्य उपासक के आगमन पर श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना

परम पूज्य उपासक श्री दीपसिंह वाघेला सोलंकी के स्वागत एवं अभिनंदन का दृश्य
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 09 अगस्त 2026 बेंगलुरु।परम पूज्य उपासक श्री दीपसिंह वाघेला सोलंकी के बेंगलुरु पहुंचने की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। स्वागत कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ उनका अभिनंदन किया और उनके मंगलमय आगमन पर शुभकामनाएं अर्पित कीं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने परम पूज्य उपासक के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उपस्थित लोगों ने समाज, परिवार और क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। भक्ति और आस्था से ओतप्रोत वातावरण ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
श्रद्धा और भक्ति से हुआ अभिनंदन
स्वागत समारोह में दलपतसिंह भायल सोलंकी ने परम पूज्य उपासक श्री दीपसिंह वाघेला सोलंकी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उनके प्रति सम्मान एवं आस्था प्रकट करते हुए मंगलमय जीवन और समाज के लिए उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन की कामना की गई।
समारोह में मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि संत एवं आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का सान्निध्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और आपसी एकता को मजबूत करने का माध्यम बनता है। ऐसे अवसर लोगों को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
समाज के गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
स्वागत कार्यक्रम में जेतसिंह सोलंकी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने परम पूज्य उपासक श्री दीपसिंह वाघेला सोलंकी का भावपूर्ण स्वागत करते हुए उनके बेंगलुरु आगमन को समाज के लिए शुभ अवसर बताया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।
आध्यात्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
बेंगलुरु जैसे महानगर में विभिन्न क्षेत्रों और प्रदेशों से आए समाज के लोग अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए लगातार ऐसे आयोजनों से जुड़ते हैं। उपासक श्री दीपसिंह का बेंगलुरु आगमन भी इसी आध्यात्मिक जुड़ाव और सामाजिक एकता का प्रतीक बना।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक भावनाओं के साथ समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपस्थित लोगों के अनुसार, धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
स्वागत समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में हुआ। श्रद्धालुओं ने परम पूज्य उपासक श्री दीपसिंह वाघेला सोलंकी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आगामी प्रवास के लिए मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
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