top of page
भारतार्थ-logo

बिहार में सत्ता बदलाव की आहट तेज

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 13 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों तेजी से बदलते घटनाक्रमों ने सत्ता परिवर्तन की अटकलों को और हवा दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच राजधानी पटना में राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है।


इसी बीच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर दिनभर उच्चस्तरीय बैठकों का दौर जारी रहा। इस बैठक में जदयू और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को और बल मिला है। खास बात यह रही कि राज्यपाल के सचिव भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे और वहां से आवश्यक दस्तावेज लेकर राजभवन लौटे। इसे आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन को लेकर मंत्रियों की संभावित सूची भी तैयार कर ली गई है और इसे राजभवन तक पहुंचा दिया गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।


उधर, भारतीय जनता पार्टी ने 14 अप्रैल को पटना में विधायक दल की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यह बैठक नए मुख्यमंत्री के चयन में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। वहीं, जदयू विधायक दल की बैठक भी उसी दिन प्रस्तावित है, जिससे दोनों दलों के बीच अंतिम सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बैठकों के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। हालांकि, अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन सियासी गलियारों में संभावित चेहरों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें 14 अप्रैल पर टिकी हैं, जब बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page