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“बिहार की सत्ता पर ‘बाहरी नियंत्रण’ का आरोप, तेजस्वी का एनडीए पर तीखा हमला”

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 13
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद राज्य की सरकार का संचालन बिहार से नहीं, बल्कि गुजरात से होगा और मुख्यमंत्री चयन का फैसला “जनता नहीं, बल्कि दो लोग” मिलकर करेंगे।


पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह स्थिति लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान है। उनके अनुसार, एनडीए ने जिस चेहरे के नाम पर जनता से वोट मांगे थे, अब उसी को हटाकर सत्ता समीकरण बदले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार भले ही बिहार में बने, लेकिन उसका वास्तविक नियंत्रण राज्य से बाहर रहेगा। तेजस्वी ने बिना नाम लिए नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि सत्ता का निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित हो गया है, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर हो रही है।


“20 साल में भी पिछड़ा बिहार”

एनडीए सरकार के दो दशक के शासन पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इतने लंबे समय के बावजूद बिहार आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में शुमार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रति व्यक्ति आय, निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में राज्य लगातार पिछड़ता जा रहा है। उनका कहना था कि उद्योग और रोजगार के अवसरों की कमी ने युवाओं को पलायन के लिए मजबूर कर दिया है।


खजाना खाली करने का आरोप

राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि निवर्तमान सरकार जाते-जाते खजाना खाली कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हालात ऐसे हैं कि विधायकों के वेतन तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। साथ ही विकास कार्यों के भुगतान में देरी और बढ़ते भ्रष्टाचार व अपराध को भी उन्होंने सरकार की विफलता बताया।


“कुर्सी के खेल में उलझी एनडीए”

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए जनता के मुद्दों से भटककर केवल सत्ता बचाने और समीकरण साधने में लगी है। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) अब स्वतंत्र राजनीतिक दल नहीं रह गया है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के प्रभाव में काम कर रहा है।


छात्र संगठन का पुनर्गठन

इस बीच तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के छात्र संगठन में बड़े बदलाव की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि ‘छात्र आरजेडी’ को भंग कर दिया गया है और इसका नया नाम ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया है। नया संगठन छात्रों के अधिकार, शिक्षा में समानता और जागरूकता अभियानों पर केंद्रित रहेगा।


राजनीतिक माहौल गर्म

बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां विपक्ष सत्तारूढ़ गठबंधन पर लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता करने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर एनडीए की ओर से इन आरोपों पर अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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