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बिहार में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा, प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण

  • लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
    Ashok kumar Singh
  • 26 अग॰
  • 2 मिनट पठन
बिहार में बाढ़: मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करते, नीचे नावों से बचाव दल, जलमग्न गांव; हवाई सर्वेक्षण लिखा है

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) पटना, 25 अगस्त 2026। बिहार के कई जिलों में गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान निचले इलाकों, दियारा क्षेत्रों और जलमग्न क्षेत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान नवगछिया-राघोपुर दियारा, कोसी-गंगा संगम क्षेत्र, बेगूसराय और बख्तियारपुर समेत कई इलाकों की स्थिति देखी गई।


बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जल संसाधन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों में पटना, भागलपुर, खगड़िया और कटिहार सहित कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर चेतावनी या खतरे के स्तर के आसपास अथवा उससे ऊपर दर्ज किया गया है।

भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना भी सामने आई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर निगरानी रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य चलाने तथा लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी, जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। राहत शिविरों, भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।


बिहार में बाढ़ की स्थिति जिले-दर-जिले अलग-अलग है। इसलिए किसी एक क्षेत्र की स्थिति के आधार पर पूरे राज्य की स्थिति का आकलन करना उचित नहीं होगा। प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा नदियों के जलस्तर तथा तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासन के साथ आम नागरिकों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सहयोग करें।

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