top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

बिहार का नया सीएम कौन? 15 को शपथ की तैयारी, सम्राट नाम पर चर्चा तेज

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 4 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सियासी गलियारों से मिल रही जानकारी के मुताबिक राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। सूत्रों का दावा है कि खरमास समाप्त होने के बाद 15 तारीख को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है। आयोजन के स्तर से संकेत मिलते हैं कि भाजपा इस मौके को राजनीतिक संदेश देने के रूप में भी देख रही है।

सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे?

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेतृत्व के बीच हुई बातचीत के बाद सम्राट चौधरी का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। कहा जा रहा है कि दोनों दलों के बीच इस नाम पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं। नीतीश कुमार भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्राट चौधरी के प्रति भरोसा जताते दिखाई दिए हैं, जिससे इन अटकलों को और बल मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसा चेहरा चुना जा सकता है, जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो। सम्राट चौधरी को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

स्टार प्रचारक सूची में भी संकेत

हाल ही में जारी चुनावी गतिविधियों में बिहार भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी को प्रमुख चेहरा बनाकर पेश किया गया है। उन्हें स्टार प्रचारकों में शामिल किया जाना भी राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। इससे यह चर्चा और तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें बड़े रोल के लिए तैयार कर रही है।

सोशल मीडिया पर ‘दावेदारी’ पर रोक

इसी बीच भाजपा ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताकर सोशल मीडिया पर प्रचार न करे। पार्टी ने इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती दिखाते हुए अनुशासन बनाए रखने को कहा है।

‘सरप्राइज फैक्टर’ अब भी कायम

हालांकि, भाजपा के पिछले फैसलों को देखते हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। पार्टी कई राज्यों में अप्रत्याशित चेहरों को मुख्यमंत्री बनाकर सभी को चौंकाती रही है। ऐसे में बिहार में भी अंतिम क्षण तक स्थिति बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, बिहार की राजनीति में उत्सुकता चरम पर है। सबकी निगाहें अब आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं कि क्या सम्राट चौधरी ही राज्य के नए मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर भाजपा एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला करेगी।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page