बंगाल में शाह का ‘रात्रि मिशन’, हर वोट पर पैनी नजर
- धन्ना राम चौधरी

- 16 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में डेरा डालते हुए चुनावी कमान अपने हाथों में ले ली है। ‘मिशन बंगाल’ को सफल बनाने के लिए शाह न केवल लगातार जनसभाएं कर रहे हैं, बल्कि संगठन के जमीनी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख इलाकों में रात्रि विश्राम कर सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद साध रहे हैं।
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल को खड़गपुर, दुर्गापुर, सिलीगुड़ी, बालुरघाट और हुगली जैसे पांच संगठनात्मक डिवीजनों में बांटा है। शाह इन सभी डिवीजनों में एक-एक रात बिताकर स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। खड़गपुर और दुर्गापुर में उनकी रात्रि बैठकें पूरी हो चुकी हैं, जहां उन्होंने जिला कोर कमेटी के सदस्यों से चुनावी तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। रात्रि बैठकों का उद्देश्य सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्याओं का तत्काल समाधान और आगामी रणनीति तय करना भी है। शाह कार्यकर्ताओं को आगामी सप्ताह के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हैं और चुनाव प्रचार में जुटे नेताओं की नियमित रिपोर्ट भी लेते हैं। दिन में जनसभाओं और रैलियों के बीच रात के समय यह संगठनात्मक मंथन पार्टी की चुनावी मशीनरी को धार देने का काम कर रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को शाह ने फालाकाटा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने के बाद विकास और सुरक्षा को मजबूती मिली है, अब पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलाने का समय आ गया है। उन्होंने घुसपैठ, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए शाह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने संदेशखाली सहित कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार के मामलों में सरकार की निष्क्रियता चिंता का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और जनता बदलाव चाहती है। शाह ने दावा किया कि चुनाव के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी और महिलाओं को निर्भीक वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार लाना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह की यह ‘रात्रि रणनीति’ संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का प्रयास है। अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनावी नतीजों में कितना असर डाल पाती है।
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