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बंगाल में मोदी का हुंकार—6 गारंटी, ‘विकसित राज्य’ का संकल्प

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 9
  • 3 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

हल्दिया/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राज्य में चुनावी अभियान को धार देते हुए पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया सहित तीन अहम रैलियों को संबोधित किया। अपने तीखे और आक्रामक भाषण में उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए ‘सबका साथ, सबका विकास और लुटेरों का हिसाब’ का नया राजनीतिक संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं, बल्कि “बंगाल के गौरव की पुनर्स्थापना” का निर्णायक अवसर है। उन्होंने जनता से बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए “निर्दयी और भ्रष्ट शासन” को हटाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव “विकसित बंगाल” की मजबूत नींव रखने वाला साबित होगा।


भाजपा की छह गारंटियों का ऐलान

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भाजपा की ओर से छह प्रमुख गारंटियां पेश कीं, जिन्हें उन्होंने सुशासन का आधार बताया—

भय के स्थान पर भरोसे का वातावरण, भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने की कार्रवाई, भ्रष्टाचार और अपराध की फाइलों का खुलासा, कानून द्वारा हर दोषी का हिसाब, घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ


मत्स्य उद्योग और विकास पर सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री ने बंगाल की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र मत्स्य पालन और सी-फूड उद्योग का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपार संभावनाओं के बावजूद राज्य मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं बन पाया है और आज भी दूसरे राज्यों पर निर्भर है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से देश में पिछले 11 वर्षों में मछली उत्पादन और समुद्री निर्यात दोगुना हुआ है, लेकिन बंगाल इस प्रगति से वंचित रह गया।


युवाओं और रोजगार पर तीखा हमला

युवाओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर “दोहरा विश्वासघात” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में अवसर सीमित हैं और सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने हल्दिया जैसे औद्योगिक क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी देशभर से लोग रोजगार के लिए आते थे, आज वहां के युवा पलायन को मजबूर हैं।


घुसपैठ और कानून-व्यवस्था बना मुद्दा

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में “घुसपैठियों की फैक्ट्री” चल रही है, फर्जी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं और तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने इसे टीएमसी की “डर और तुष्टिकरण की राजनीति” का परिणाम बताया।


केंद्र की योजनाओं पर भी उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की योजनाओं को या तो बदला गया या लागू नहीं किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ‘पीएम’ शब्द से राजनीतिक विरोध के कारण गरीबों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया।


चुनावी दृष्टि से अहम रैलियां

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम के सूरी में आयोजित रैलियां रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। हल्दिया को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है, जबकि आसनसोल औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम केंद्र है। सूरी, जो अब तक टीएमसी का गढ़ रहा है, वहां भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह आक्रामक चुनावी रणनीति राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकती हैं।

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