top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

“फ्री के नारों से दलितों को धोखा”: बजट पर विपक्ष के नेता चालावाड़ी नारायणस्वामी का तीखा हमला

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 8
  • 3 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु। राज्य के 2026-27 के बजट को लेकर कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालावाड़ी नारायणस्वामी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार “फ्री के नारों” के जरिए जनता और विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि “नारे फ्री हैं, लेकिन धोखा पक्का है और इसे मानने वालों की बर्बादी भी पक्की है।”


शनिवार को मल्लेश्वरम स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सिद्धरामय्या द्वारा पेश किए गए बजट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता में “फ्री, पक्का, पक्का” जैसे नारों के साथ आई थी, लेकिन बजट में वास्तविक विकास की बजाय कर्ज और गारंटी योजनाओं का बोझ बढ़ाया जा रहा है।


SEP-TSP फंड के उपयोग पर सवाल

नारायणस्वामी ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना (SEP) और जनजाति उपयोजना (TSP) के तहत पिछले चार वर्षों में कुल 1,56,701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि

2023-24 में 30,930 करोड़ रुपये,

2024-25 में 39,122 करोड़ रुपये,

2025-26 में 42,017 करोड़ रुपये,

और 2026-27 के लिए 44,632 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


उन्होंने आरोप लगाया कि इस कुल राशि का लगभग 50 प्रतिशत यानी 78,350 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों जैसे लोक निर्माण, सिंचाई आदि को दे दिए गए, जबकि शेष राशि में से 53,059 करोड़ रुपये गारंटी योजनाओं में खर्च कर दिए गए।


उनके अनुसार, चार वर्षों में निर्धारित राशि में से वास्तविक SC-ST कल्याण कार्यक्रमों के लिए केवल 25,291 करोड़ रुपये ही बचे हैं, जो बेहद कम है।


“दलितों को जनता के सामने नीलाम क्यों किया जा रहा?”

विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा,

“आप हमें, जो SC-ST समुदाय से आते हैं, जनता के सामने नीलाम क्यों कर रहे हैं? दलितों को इतना बड़ा धोखा क्यों दिया जा रहा है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दलित समुदाय के अधिकारों का पैसा अन्य योजनाओं में इस्तेमाल कर रही है, जिससे समुदाय का विकास प्रभावित हो रहा है।


कॉर्पोरेशनों को सीमित फंड देने का आरोप

नारायणस्वामी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न दलित कल्याण निगमों के लिए कुल 562 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, जिसमें

अंबेडकर कॉर्पोरेशन – 125 करोड़

टांडा कॉर्पोरेशन – 75 करोड़

आदि जांबव कॉर्पोरेशन – 62 करोड़

बोवी कॉर्पोरेशन – 68 करोड़

सफाई कर्मचारी कॉर्पोरेशन – 31 करोड़ वाल्मीकि कॉर्पोरेशन – 156 करोड़ लिडकर कॉर्पोरेशन – 43 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि इनमें से कई निगमों तक आधी राशि भी नहीं पहुंची है और अंबेडकर कॉर्पोरेशन को तो 50 करोड़ रुपये भी नहीं मिले।


दलित संगठनों से सवाल उठाने की अपील

विपक्ष के नेता ने दलित कार्यकर्ताओं और संगठनों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे इस मुद्दे पर सरकार से सवाल नहीं पूछते हैं तो यह उनके अधिकारों के साथ समझौता होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने इस विषय पर चुप्पी साध रखी है और शुरुआत से ही भाजपा नेता इस मुद्दे को उठा रहे हैं।


“गारंटी योजनाओं में दलितों का हिस्सा क्यों नहीं?”

नारायणस्वामी ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने बजट में गारंटी योजनाओं के लिए 52 हजार करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया है। उन्होंने पूछा कि यदि यह राशि सभी के लिए है तो उसमें दलितों का अलग हिस्सा क्यों नहीं है और फिर SEP-TSP फंड से 14 हजार करोड़ रुपये क्यों लिए गए।


कांग्रेस से जवाब की मांग

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं देती है तो यह माना जाएगा कि दलितों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस मामले पर खुलकर जवाब देने की मांग की। इस अवसर पर भाजपा नेता रुद्रयाह भी उपस्थित रहे।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page