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जातीय विवाद को हवा दे रही है सरकार: चालावाड़ी नारायणस्वामी

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 8
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर बेंगलूरु संवाददाता, धन्नाराम चौधरी। (Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। चालावाड़ी नारायणस्वामी ने राज्य सरकार पर जातीय विवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंटरनल रिजर्वेशन के मुद्दे पर सरकार की गलत नीतियों के कारण समाज में भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलती का खामियाजा विभिन्न जातियों को आपस में लड़कर नहीं भुगतना चाहिए।


शनिवार को जगन्नाथ भवन स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नारायणस्वामी ने कहा कि इंटरनल रिजर्वेशन कानून को लेकर सरकार ने जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति पैदा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस कानून को अभी न्यायालय से मंजूरी नहीं मिली थी, तब माननीय राज्यपाल से इस पर हस्ताक्षर क्यों कराए गए।


उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के आंतरिक आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस संबंध में न्यायमूर्ति नागमोहन दास की रिपोर्ट भी सरकार को सौंपी गई थी, जिसमें 6-6-5 के अनुपात में वर्गीकरण का सुझाव दिया गया था। नारायणस्वामी ने कहा कि राज्यपाल द्वारा 24 तारीख को इस कानून पर हस्ताक्षर भी किए गए, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने इसे स्पष्ट रूप से लागू करने के बजाय अलग-अलग विभागों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने धारवाड़ विश्वविद्यालय, बैंगलोर विकास प्राधिकरण और कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम जैसे विभागों में ए, बी और सी श्रेणियों की घोषणाएं कर दीं, जिससे नियुक्तियों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर असमंजस बढ़ गया है। उन्होंने पूछा कि जब 56 हजार पदों पर भर्ती की बात की जा रही है, तो उसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का हिस्सा किस प्रकार तय किया जाएगा।


नारायणस्वामी ने कहा कि सरकार की इस नीति से समाज में अनावश्यक विवाद और असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की सरकार पहले भी जातियों को बांटकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करती रही है और अब आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर भी वही स्थिति पैदा हो रही है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को पारदर्शिता के साथ स्पष्ट नीति बनाकर इसे लागू करना चाहिए, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों में भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा न हो। इस दौरान भाजपा नेता रुद्रयाह भी मौजूद रहे।

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