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पंजाब विधानसभा में हंगामा: CM मान पर नशे के आरोप, विपक्ष का वॉकआउट

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 1
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पंजाब। पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त भारी राजनीतिक भूचाल आ गया, जब कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। विपक्ष का दावा है कि मुख्यमंत्री विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नशे की हालत में नजर आए, जिसके बाद सदन में हंगामा, टकराव और कार्यवाही ठप हो गई। इस घटनाक्रम ने न केवल सदन की गरिमा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में तीखी बहस और जनचर्चा को जन्म दे दिया है। क्या सच में मुख्यमंत्री नशे में थे? या यह सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है? यही सवाल अब हर नागरिक के मन में उठ रहा है।

कांग्रेस का सीधा हमला, शराब टेस्ट की मांग

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान विधानसभा में नशे की हालत में मौजूद थे। उन्होंने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से तुरंत अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग की।

खैरा ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने न सिर्फ वॉकआउट किया, बल्कि खुद भी डोप टेस्ट कराने की पेशकश की, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। यह कदम विपक्ष की ओर से आक्रामक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्ष नेता का बयान: “ऐसे कैसे चलेगा सदन?”

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि

“अगर मुख्यमंत्री ही नशे की हालत में हों, तो सदन चलाने का क्या औचित्य है?”

उन्होंने सभी विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने और स्वतंत्र मेडिकल जांच की मांग उठाई।

अकाली दल का तीखा रुख, बताया ‘शर्मनाक’

शिरोमणि अकाली दल ने भी इस पूरे मामले को “लोकतंत्र के लिए शर्मनाक” करार दिया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री का यह व्यवहार राज्य की छवि को धूमिल करता है। अकाली दल ने भी डोप टेस्ट और निष्पक्ष जांच की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।

AAP की चुप्पी, बढ़ा सस्पेंस

इन गंभीर आरोपों के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है—

  • क्या पार्टी जवाब देने की तैयारी में है?

  • या आरोपों को राजनीतिक साजिश मानकर नजरअंदाज किया जा रहा है?

आपके मन में उठ रहे बड़े सवाल

  • क्या सच में मुख्यमंत्री नशे में थे या यह सिर्फ राजनीतिक आरोप है?

  • अगर आरोप सही हैं, तो क्या कार्रवाई होगी?

  • क्या सभी विधायकों का डोप टेस्ट होना चाहिए?

  • क्या इससे विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंची है?

  • क्या यह मुद्दा आने वाले चुनावों को प्रभावित करेगा?

Q1. भगवंत मान पर क्या आरोप लगे हैं?

Q2. कांग्रेस ने क्या मांग की है?

Q3. अकाली दल का क्या रुख है?

Q4. क्या AAP ने जवाब दिया है?

अब आपकी बारी!

इस पूरे घटनाक्रम पर आपकी क्या राय है? क्या यह राजनीतिक साजिश है या गंभीर मुद्दा?

नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

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