नेपाल में तबाही के बाद फिर बाढ़ का खतरा, तिब्बत की ओर जल-अवरोध टूटने की खबर से हाई अलर्ट
- Ashok kumar Singh

- 28 अग॰
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भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) काठमांडू | 28 अगस्त 2026
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बीच एक बार फिर नए सैलाब का खतरा मंडरा रहा है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ने की चेतावनी के बाद नेपाल प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। लोगों और राहत-बचाव दलों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है।
ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बताया है कि भीषण बाढ़ में अब तक 538 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
तिब्बत की ओर से फिर बढ़ा खतरा
नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि तिब्बत की ओर एक जल-अवरोध/डैम के फिर टूटने की सूचना मिली है। इसके बाद भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पानी बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया और बचाव कार्यों को भी कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से रोककर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए।
इससे पहले चीन की ओर से भी सीमा क्षेत्र में बने नए जलाशय और बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता जताई गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक ग्लेशियर और मलबे के कारण बने जल-अवरोधों में पानी जमा होने से नीचे की ओर अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बचाव अभियान के बीच नई चुनौती
बाढ़ से सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी कारण कई इलाकों तक राहत और बचाव दलों की पहुंच मुश्किल बनी हुई है। NDRRMA के अनुसार हजारों सुरक्षाकर्मी खोज एवं बचाव अभियान में लगाए गए हैं और अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत के भी बड़ी संख्या में नागरिक नेपाल में फंसे या संपर्क से बाहर बताए गए हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में भारतीय नागरिकों की संख्या अलग-अलग समय पर बदलती रही है; इसलिए प्रकाशित समाचार में इसे “सैकड़ों भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया” लिखना अधिक सुरक्षित है।
नेपाल में बुधवार को आई इस भीषण आपदा के बाद अब प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान, तो दूसरी ओर संभावित नए सैलाब से प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखना।
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