top of page
भारतार्थ-logo

नेपाल में जलप्रलय, 1,003 मौतें

  • लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
    Ashok kumar Singh
  • 3 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन
नेपाल में बाढ़-भूस्खलन का ग्राफिक, रेस्क्यूकर्मी नाव से लोगों को बचाते; 1,003 मौतें, 3,916 लापता, 11,000+ बचाए गए।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com काठमांडू, 1 सितंबर 2026। नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आपदा ने व्यापक तबाही मचा दी है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक 1,003 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3,916 लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है। हिमालयी क्षेत्र में 26 अगस्त को शुरू हुई इस प्राकृतिक आपदा के बाद बर्फ, पानी, चट्टानों और भारी मलबे के तेज बहाव ने निचले इलाकों में भारी विनाश किया। फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से सड़कें, पुल, मकान और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए।


कई जिलों में तबाही का व्यापक असर


रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुन, चितवन और आसपास के क्षेत्रों में आपदा का व्यापक प्रभाव देखा गया है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में नुवाकोट, रसुवा और जलविद्युत परियोजनाओं के आसपास के इलाके शामिल हैं। कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों और आसपास के क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में कर्मचारी और अन्य लोग अब भी लापता हैं।


11 हजार से अधिक लोगों को बचाया गया


नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवान प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

नेपाल की सेना द्वारा दुर्गम इलाकों में हवाई बचाव अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने और गंभीर रूप से घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है।


जलविद्युत परियोजनाओं पर विशेष बचाव अभियान


बचाव दलों का विशेष ध्यान जलविद्युत परियोजनाओं के आसपास फंसे और लापता लोगों की तलाश पर केंद्रित है। कई सुरंगों में भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा भर जाने के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, बचावकर्मी लगातार दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के प्रयास कर रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय सहायता भी पहुंची


भीषण आपदा के बाद नेपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता मिल रही है। भारत, चीन और अन्य देशों के साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने, संपर्क मार्ग बहाल करने और खोज अभियान में अंतरराष्ट्रीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

नेपाल सरकार और राहत एजेंसियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाना, प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करना है।

यह आपदा हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियर संबंधी खतरों से निपटने के लिए बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page