भारत की GDP ने पकड़ी तेज रफ्तार, 7.8% की छलांग
- Ashok kumar Singh

- 3 दिन पहले
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भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 7.8 प्रतिशत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर दर्ज की है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में दर्ज यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 6.9 प्रतिशत की तुलना में अधिक रही और आर्थिक अनुमानों से भी बेहतर मानी जा रही है।
केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में देश की वास्तविक सकल मूल्य वर्धित वृद्धि (GVA) 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई।
निवेश और घरेलू मांग ने दी अर्थव्यवस्था को मजबूती
पहली तिमाही में निवेश गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत है।
घरेलू मांग और उपभोग में भी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निर्यात क्षेत्र ने आर्थिक गतिविधियों को अतिरिक्त सहारा दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, सार्वजनिक निवेश के साथ निजी क्षेत्र की निवेश गतिविधियों में तेजी ने आर्थिक वृद्धि को मजबूती प्रदान की।
विनिर्माण क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन
देश के विनिर्माण क्षेत्र ने पहली तिमाही की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, सूचना प्रौद्योगिकी और पेशेवर सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों ने भी आर्थिक गतिविधियों को गति दी।
पिछली तिमाही से कम, लेकिन सालाना आधार पर बेहतर
हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में दर्ज संशोधित 8.6 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में मौजूदा तिमाही की 7.8 प्रतिशत वृद्धि कम है, लेकिन सालाना आधार पर अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन मजबूत रहा है।
पिछले वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस लिहाज से मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत प्रदर्शन
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों, मुद्रास्फीति, रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर आर्थिक वृद्धि की रफ्तार पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया विश्वास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि को देश की अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आंकड़े देश में बढ़ते आर्थिक विश्वास को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शन वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और देशवासियों की सामूहिक क्षमता को प्रतिबिंबित करता है।
भारत की अर्थव्यवस्था के सामने अब चुनौती इस विकास गति को आने वाली तिमाहियों में बनाए रखने की होगी। इसके लिए घरेलू मांग, निजी निवेश, विनिर्माण, निर्यात और रोजगार सृजन को निरंतर मजबूती देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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