top of page
भारतार्थ-logo

धारवाड़ में पतंजलि का हर्बल डे: 25 हजार औषधीय पौधे लगाने का महाअभियान शुरू

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 4 अग॰
  • 2 मिनट पठन
Group of men and women in white and red attire holding potted saplings indoors before a Kannada banner and Indian tricolor decor.

आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव पर पर्यावरण संरक्षण, योग और आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प


भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) धारवाड़ (कर्नाटक) | 3 अगस्त, 2026 पतंजलि हर्बल डे के अवसर पर कर्नाटक के धारवाड़ शहर में पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार एवं पतंजलि योगपीठ, कर्नाटक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेद रत्न आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस को हर्बल डे के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया तथा पूरे अगस्त माह में राज्यभर में 25 हजार से अधिक हर्बल पौधे लगाने और वितरित करने के अभियान की शुरुआत की गई।


धारवाड़ के जोशी गली स्थित गरदी माने योग सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व पतंजलि योगपीठ कर्नाटक के चीफ स्टेट इंचार्ज श्री भवरालाल आर्य ने किया। कार्यक्रम में योग, आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।


अपने संबोधन में भवरालाल आर्य ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि हरित भविष्य के संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह के दौरान कर्नाटक के सभी जिलों, शहरों, तालुकों, गांवों और वार्डों में 25 हजार से अधिक हर्बल पौधे नि:शुल्क वितरित और लगाए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक करना है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच आयुर्वेद और योग का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की परंपरा विकसित करनी चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार होगा।


भवरालाल आर्य ने बताया कि पतंजलि कर्नाटक में संचालित 1,500 से अधिक निःशुल्क योग केंद्रों के माध्यम से भी इस अभियान को व्यापक रूप से चलाया जाएगा। योग शिविरों, जनजागरूकता कार्यक्रमों और पौधारोपण अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।


उन्होंने लोगों से अग्निहोत्र, नियमित योगाभ्यास और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वच्छ पर्यावरण और संतुलित जीवन के लिए योग और आयुर्वेद का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज सामूहिक रूप से इस दिशा में कार्य करे तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।


कार्यक्रम में हुबली-धारवाड़ नगर निगम के लोकप्रिय सदस्य श्री शंकर शेलके, सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लता एस. मुल्लूर, पतंजलि परिवार की उमा अगाड़ी, रमेश सुलाखे, लीलावती संब्रानी, बसवराज मुम्मिगट्टी, प्रेमा मुम्मिगट्टी, उमेश कुलकर्णी, भाग्यश्री बडीगेरा, पुष्पा यारेशिमी, विजयलक्ष्मी करिंदी, विजयलक्ष्मी नविले, पवड़ा शेट्टी, ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि अक्कनवारु, बसवराज हिरेमठ, विरेशा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, योगाभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। हर्बल डे के अवसर पर वितरित औषधीय पौधों को लोगों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया और उन्हें सुरक्षित रूप से विकसित करने का वचन दिया।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page