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दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमले से भड़का खाड़ी संकट, ईरान का पलटवार—कतर की एलएनजी साइट पर मिसाइल अटैक, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 19
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

तेहरान/दोहा। खाड़ी क्षेत्र में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इज़राइल द्वारा ईरान की धरती पर स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडार साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने जोरदार पलटवार करते हुए क्षेत्र के तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इस जवाबी कार्रवाई में कतर की प्रमुख ऊर्जा सुविधा पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे भारी नुकसान की खबर है।


जानकारी के अनुसार, ईरान के हमलों का सबसे बड़ा असर कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर पड़ा, जहां दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) उत्पादन इकाई स्थित है। कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर हमले की पुष्टि की और बताया कि परिसर में आग लग गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए तुरंत आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया।


हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन ऊर्जा ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। यह औद्योगिक क्षेत्र राजधानी दोहा से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।


राजनयिक तनाव चरम पर

हमले के बाद कतर ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है। कतर विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया है। कतर ने आरोप लगाया है कि ईरान लगातार पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।


हमले से पहले दी गई थी चेतावनी

ईरान ने जवाबी कार्रवाई से पहले ही सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों को खाली करने की चेतावनी जारी की थी। यह चेतावनी उस समय आई जब इज़राइली वायुसेना ने ईरान के गैस प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला किया।


ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, साउथ पार्स गैस फील्ड में स्थित पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को सीधे निशाना बनाया गया था, जो वैश्विक गैस आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।


सऊदी अरब में मिसाइलें नाकाम

इस बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी रियाद की ओर बढ़ रही चार बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया। हालांकि मिसाइलों के मलबे अलग-अलग क्षेत्रों में गिरने से चार लोग घायल हो गए।


वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडार और एलएनजी उत्पादन केंद्रों पर हुए हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। खाड़ी क्षेत्र से होने वाली गैस और तेल आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


लगातार बढ़ते सैन्य टकराव और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े संकट की ओर धकेल दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरा गई है।

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