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तमिलनाडु में 72 घंटे पहले नायडू का हाई-वोल्टेज दौरा, सियासत गरमाई

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 19
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

तमिलनाडु। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। इसी बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का 20 और 21 अप्रैल 2026 का प्रस्तावित दो दिवसीय तूफानी दौरा सियासी गलियारों में हलचल तेज कर रहा है। चुनाव से महज 72 घंटे पहले होने वाला यह दौरा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे विपक्षी दलों की चिंता बढ़ गई है।

नायडू का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उन्होंने हाल ही में संविधान के प्रस्तावित 131वें संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। इस विधेयक में परिसीमन, लोकसभा सीटों में संभावित वृद्धि और संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं। नायडू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह कर रहा है।

कोयंबटूर से चेन्नई तक जोरदार अभियान

दौरे के पहले दिन नायडू कोयंबटूर में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे होसुर और थल्ली में सभाएं करेंगे। शाम को वे चेन्नई पहुंचकर अवाडी में भव्य रोड शो के जरिए जनता से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान उनका फोकस विकास, सुशासन और केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना रहेगा।

दूसरे दिन मदुरै और सत्तूर में कार्यक्रम

अपने दौरे के दूसरे दिन नायडू मदुरै और सत्तूर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे स्थानीय समुदायों के नेताओं से मुलाकात कर चुनावी समीकरण मजबूत करने की कोशिश करेंगे। दो दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद वे शाम को अमरावती लौट जाएंगे।

‘हाई-एनर्जी कैंपेन’ की रणनीति

नायडू का यह दौरा एनडीए के ‘हाई-एनर्जी कैंपेन’ का हिस्सा है, जिसमें सीमित समय में अधिकतम जनसंपर्क पर जोर दिया जा रहा है। रैलियों, रोड शो और सामुदायिक बैठकों के जरिए मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाने की रणनीति अपनाई गई है। खासतौर पर दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एनडीए इस बार आक्रामक प्रचार अभियान चला रही है।

परिसीमन पर विपक्ष को घेरा

नायडू ने परिसीमन को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इससे लोकसभा सीटें घटेंगी नहीं, बल्कि बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन दे चुके हैं। नायडू के मुताबिक, दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय की बात पूरी तरह निराधार है और परिसीमन की प्रक्रिया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से ही स्थापित नियमों के तहत चल रही है।

चुनावी मुकाबले में बढ़ेगा रोमांच

23 अप्रैल 2026 को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले नायडू का यह दौरा एनडीए के लिए ऊर्जा भरने वाला कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हाई-प्रोफाइल प्रचार से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है तथा अंतिम समय में मतदाताओं के रुझान पर भी असर पड़ सकता है।

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