जर्मन महिला के पास मिला आधार कार्ड, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
- धन्नाराम चौधरी

- 5 जुल॰
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झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर तैनात सुरक्षा बल और जांच करती एजेंसियां
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पिथौरागढ़ | 05 जुलाई, 2026 उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले स्थित झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर एक जर्मन महिला के पास भारतीय आधार कार्ड मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने शनिवार को महिला को नेपाल में प्रवेश करने से रोक दिया और मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है। सीमावर्ती क्षेत्र में विदेशी नागरिक के पास भारतीय आधार कार्ड मिलने की घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जर्मन नागरिक बारबरा रीनट क्राउज (58) अपने गाइड हिमांशु के साथ नेपाल जाने के लिए झूलाघाट पुल पहुंची थी। जांच के दौरान एसएसबी जवानों ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि तीसरे देश के नागरिकों को इस मार्ग से नेपाल प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके बाद महिला को वापस पिथौरागढ़ भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान महिला के पास भारतीय बिजनेस वीजा के साथ गोवा में बना आधार कार्ड भी मिला। महिला ने दावा किया कि वह गोवा में बिजनेस वीजा पर रह रही है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आधार कार्ड बनवाया गया है। हालांकि विदेशी नागरिक के पास आधार कार्ड मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एसएसबी सूत्रों के अनुसार पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। महिला के साथ मौजूद गाइड हिमांशु से भी पूछताछ की जा रही है कि आधार कार्ड किस प्रक्रिया के तहत बनवाया गया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
गौरतलब है कि भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है। हालांकि, बिजनेस वीजा पर लंबे समय तक भारत में रहने वाले विदेशी नागरिक निर्धारित शर्तों के तहत आधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। एसएसबी के सहायक कमांडेंट प्रतीक ने बताया कि बिजनेस वीजा पर 182 दिन से अधिक भारत में रहने वाले विदेशी नागरिक आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं और उन्हें समय-समय पर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है।
घटना के बाद झूलाघाट सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने भी सीमावर्ती इलाकों में दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त बनाने की मांग उठाई है।
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