चेन्नई से निकली बाबा रामदेवरा साइकिल यात्रा का बेंगलुरु में भव्य स्वागत, जयकारों से गूंजा माहौल
- धन्नाराम चौधरी

- 8 अग॰
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राजस्थानी समाज ने पुष्पवर्षा, तिलक और प्रसादी से किया अभिनंदन, सेवा और आस्था का दिया संदेश
भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 7 अगस्त 2026 बेंगलुरु में शुक्रवार सुबह आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब चेन्नई से राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ रामदेवरा धाम के लिए निकले साइकिल यात्रियों का तुमकुर रोड स्थित अरसीना कुंटे में राजस्थानी समाज ने भव्य स्वागत किया। बाबा रामदेवजी के जयकारों, पुष्पमालाओं, तिलक और मंगल गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने यात्रियों का सम्मान करते हुए उनकी सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की तथा सेवा और समर्पण को जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताया।
चेन्नई से रामदेवरा धाम की ओर प्रस्थान कर रहे साइकिल यात्रियों का विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजस्थानी समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। श्रद्धालुओं के माथे पर तिलक लगाया गया, पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन किया गया तथा उनके लिए भोजन प्रसादी की विशेष व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के दौरान "बाबा रामदेवजी की जय" के उद्घोष लगातार गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यात्रियों ने भी सभी स्वागतकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का यह प्रेम उनकी यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष में राजस्थान के रामदेवरा धाम में विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा एवं साइकिल यात्रा कर बाबा के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना बाबा रामदेवजी अवश्य स्वीकार करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देतीं, बल्कि समाज में भाईचारे, सहयोग और मानव सेवा की भावना भी मजबूत करती हैं। उन्होंने युवाओं से भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बाबूलाल चौधरी, नेमाराम प्रजापत, मामा जी शर्मा, ओमप्रकाश माली, दीपकराम जालौर, उदयराम गुर्जर, हनुमान चौधरी, हनुमानराम देवासी, माणकराम प्रजापति, माताजी हार्डवेयर दसमपुरा, अनिलराम जैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे और यात्रियों का उत्साहवर्धन किया।
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले इस आयोजन ने समाज में सेवा, समर्पण और एकता का प्रेरणादायी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा रामदेवजी की कृपा से सभी यात्रियों की यात्रा सफल और मंगलमय होगी।
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