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Bengaluru Voter List SIR: SIR सर्वे में बेंगलुरु के 17.93 लाख मतदाता ASDDO श्रेणी में, क्या कट जाएगा आपका नाम?

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 7 अग॰
  • 3 मिनट पठन

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बेंगलुरु के लाखों मतदाता ASDDO श्रेणी में चिन्हित, चुनाव आयोग ने कहा—सुधार और बहाली का मिलेगा पूरा अवसर।


People review papers outdoors under umbrellas; one woman writes in a notebook. Hindi text reads फाइल फोटो.

मतदाता सूची सत्यापन के दौरान घर-घर सर्वे करते बूथ लेवल अधिकारी अथवा मतदान केंद्र की सांकेतिक तस्वीर

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) | बेंगलुरु | 7 अगस्त, 2026 Bengaluru Voter List SIR के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान ने राजधानी के लाखों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। चुनाव आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार शहर के 17.93 लाख से अधिक मतदाता ASDDO (Absent, Shifted, Duplicate, Dead & Others) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि ASDDO श्रेणी में दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता का नाम स्वतः मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बेंगलुरु शहरी जिले में कुल 40.21 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 55.39 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जबकि 44.61 प्रतिशत यानी 17.93 लाख मतदाता फिलहाल ASDDO अथवा असंगठित श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।


चुनाव आयोग के अनुसार यह केवल प्रारंभिक वर्गीकरण है। जिन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत अथवा अन्य श्रेणी में दर्ज किया गया है, उन्हें अपने रिकॉर्ड का सत्यापन कराने और आवश्यक सुधार कराने का पूरा अवसर मिलेगा।


बीबीएमपी के तीनों प्रमुख जोनों में भी स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है। बीबीएमपी दक्षिण में सबसे अधिक 51.18 प्रतिशत (10.97 लाख) मतदाता ASDDO श्रेणी में चिन्हित हुए हैं। वहीं बीबीएमपी मध्य में 47.85 प्रतिशत (9.04 लाख) तथा बीबीएमपी उत्तर में 46.95 प्रतिशत (10.95 लाख) मतदाता इस श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में लगातार पलायन, किरायेदारों का स्थान परिवर्तन, डुप्लिकेट पंजीकरण तथा मृत्यु के बाद नाम नहीं हटने जैसी वजहों से ऐसे आंकड़े सामने आते हैं। यही कारण है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यापक अभियान चला रहा है।


राज्य स्तर पर भी स्थिति कम महत्वपूर्ण नहीं है। कर्नाटक में कुल 5.54 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 1.10 करोड़ (19.93 प्रतिशत) मतदाता फिलहाल ASDDO अथवा असंगठित श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं।


आंकड़ों के अनुसार राज्य में सबसे अधिक 66.43 लाख मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए हैं। इसके अलावा 16.32 लाख मृत, 16.12 लाख अनुपस्थित, 6.93 लाख डुप्लिकेट पंजीकरण तथा 4.67 लाख अन्य कारणों से चिन्हित किए गए हैं।


चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) 8 अगस्त तक गलत मार्किंग में सुधार कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से ASDDO श्रेणी में दर्ज हुआ है तो उसका रिकॉर्ड सुधारा जाएगा।


नए मतदाताओं के पंजीकरण को आसान बनाने के लिए आयोग ने बीबीएमपी एवं ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में फॉर्म-6 की 10 लाख प्रतियां उपलब्ध कराई हैं। इसके माध्यम से पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।


चुनाव आयोग के अनुसार 16 जून से 5 अगस्त के बीच राज्यभर में फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 के तहत 12.32 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और विवरण संशोधन के आवेदन शामिल हैं।


निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने नाम को लेकर किसी प्रकार की शंका हो तो वे समय रहते अपने बूथ लेवल अधिकारी अथवा संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना रिकॉर्ड सही कराएं। आयोग का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।

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