चातुर्मास 2026 का शुभारंभ: द्वारका में साध्वी श्री भगवती बाई माताजी का आध्यात्मिक प्रवास शुरू
- धन्नाराम चौधरी

- 21 जुल॰
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25 जुलाई से 26 सितंबर तक चलेगा चातुर्मास, श्रद्धालुओं के लिए सत्संग, धर्मचर्चा और आध्यात्मिक साधना का विशेष अवसर

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) द्वारका (गुजरात) | 21 जुलाई, 2026 चातुर्मास 2026 के शुभ अवसर पर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम गुजरात के पावन तीर्थ द्वारका में होने जा रहा है। पीठाधीश्वर परम तपस्विनी श्री श्री 1008 साध्वी श्री भगवती बाई (माताजी) का इस वर्ष का चातुर्मास श्री राजेश्वर भगवान अंजणी माता धाम, सुभद्रा माता आश्रम, चरकला रोड, एनएच-947, जामनगर हाईवे, द्वारका (गुजरात) में आयोजित होगा।
पोस्टर के अनुसार यह आध्यात्मिक आयोजन 25 जुलाई 2026 से 26 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, सत्संग, भक्ति, साधना, जप, तप तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जागरण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चातुर्मास भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। वर्षा ऋतु के दौरान संत-महात्मा एक स्थान पर निवास कर धर्मोपदेश, शास्त्र चर्चा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इससे श्रद्धालुओं को सत्संग का लाभ मिलता है और समाज में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार होता है।
आयोजकों ने देशभर के श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं समाजबंधुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं ताकि सभी भक्तगण सहज रूप से कार्यक्रमों में भाग ले सकें।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, संयम, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर भी है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
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